टीम एबीएन, रांची। पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने कहा कि राज्य में जब से हेमंत सरकार बनी है, तब से आदिवासियों पर अत्याचार बढ़ा है और उभरते युवा आदिवासी नेता सुभाष मुंडा की हत्या किसी दल के नेता की नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की हत्या है।
अपराधियों पर लगाम लगाना हेमंत सरकार के बस की बात नहीं
श्री दास ने कहा कि आदिवासी समाज की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। अपराधियों पर लगाम लगाना हेमंत सरकार के बस की बात नहीं है। इस राज्य में खनन माफिया गिरोह और गैंगस्टर के संगठित अपराध गिरोह की एक समानांतर सरकार चला रही है, इस कारण भय का माहौल है।
युवा नेता सुभाष मुंडा की हत्या हुए 3 दिन हो गये हैं, लेकिन अब तक मामले का उद्बोधन नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि वह सुभाष मुंडा की हत्या की सीबीआई जांच की मांग करते हैं।
उन्होंने कहा कि राजधानी रांची में मुख्यमंत्री से लेकर चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी जैसे तमाम बड़े अधिकारी बैठे हैं, वहां अपराधियों ने दिनदहाड़े आदिवासी समाज के चमकते हुए दीपक को बुझा दिया। अपराधियों व गैंगस्टरों का मनोबल इतना बढ़ा हुआ है कि वे विदेश में बैठकर वीडियो बनाकर वसूली कर रहे हैं और सरकार चुपचाप तमाशा देख रही है।
झारखंड जैसे शांत राज्य में ऐसी स्थिति कभी पैदा नहीं हुई
श्री दास ने कहा कि झारखंड जैसे शांत राज्य में ऐसी स्थिति कभी पैदा नहीं हुई। राज्य सरकार से मांग करता हूं कि आप भारत सरकार से इस मामले की सीबीआई से जांच की अनुशंसा करें क्योंकि कानून व्यवस्था संभालना आपके बस की बात नहीं है मुख्यमंत्री जी।
उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार के आने के बाद भू माफिया और खनन माफिया सरकार के संरक्षण में फल- फूल रहे हैं। राजधानी तक में आपके अधिकारी भू माफिया के साथ सांठगांठ कर जमीन को बेचने का काम कर रहे हैं। इस कारण अधिकारी होटवार जेल जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में सरकार पर कैसे कोई विश्वास करे?
श्री दास ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं को आदिवासी का मसीहा होने का दावा करते हैं तो कम से कम आदिवासी समाज के हित की रक्षा करें, यही आदिवासी समाज की आपसे अपेक्षा है। वहीं, इससे पहले दास ने सुभाष मुंडा के आवास पर पहुंचकर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किये। उनके माता-पिता से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। साथ ही कहा कि भविष्य में किसी भी तरह के सहयोग की आवश्यकता होगी, तो वे हमेशा उपलब्ध रहेंगे।