टीम एबीएन, कोडरमा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के झारखंड राज्य कमिटी सदस्य युवा नेता सुभाष मुंडा की हत्या के खिलाफ के खिलाफ और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कोडरमा गांधी चौक पर वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
ज्ञात हो कि अज्ञात अपराधियों ने रांची के दलादली चौक पर स्थित कार्यालय में सीपीएम नेता सुभाष मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता सीपीएम नेता रमेश प्रजापति ने किया।
प्रदर्शन को सीपीआई के जिला मंत्री प्रकाश रजक, माले के जिला सचिव राजेन्द्र मेहता, सीटू नेता प्रेम प्रकाश, नौजवान भारत सभा के उदय द्विवेदी ने सम्बोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था फेल हो गयी है। आम जनता तो छोड़ दीजिये, जनता के प्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं है।
सुभाष मुण्डा सीपीएम प्रत्याशी के रुप में हटिया विधानसभा से दो बार और हाल ही में मांडर विधानसभा के लिए हुए हाल ही के उप चुनाव में सीपीएम के सशक्त उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।
रातू-नगड़ी इलाके के लोकप्रिय और संघर्षशील युवा संगठनकर्ता थे। जो डीवाईएफआई और आदिवासी अधिकार मंच के बैनर तले आदिवासियों और अन्य गरीबों के हक और अधिकार की रक्षा के लिए सदा तत्पर रहते थे।
उस क्षेत्र में आदिवासी जनता के विभिन्न सवालों पर वे लगातार आंदोलन के मैदान में डटे रहते थे, जिसके चलते उस इलाके के निहित स्वार्थी तत्व और आदिवासियों की जमीन हड़पने वाले भू माफियाओं की नजर में खटकने लगे थे। उनकी जधन्य हत्या के बाद उस इलाके के लोगों का आक्रोशित होना इस बात का प्रमाण है कि शहीद सुभाष मुंडा जनप्रिय नेता थे।
अविभाजित कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य और द्वितीय विश्वयुद्ध में भारतीय सेना के सिपाही सुकरा मुंडा की तीसरी पीढ़ी के नौजवान कम्युनिस्ट कार्यकर्ता थे जो अपने दादा की संघर्षशील विरासत के वाहक थे। शहीद सुभाष मुंडा की कुर्बानी बेकार नहीं जायेगी।
हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो राज्यभर में उग्र आंदोलन तेज होगा। वामदल इस कायरतापूर्ण जधन्य हत्या की कड़ी भर्त्सना करते हुए रांची पुलिस और राज्य के मुख्यमंत्री से मांग करती है कि अविलंब एसआईटी जांच को तेज कर सुभाष मुंडा के हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार करे।
कार्यक्रम में महेश प्रसाद सिंह, दिनेश रविदास, धीरज यादव, अशोक रजक, श्याम भारती, भागवत साव, शंभू कुमार, गणेश, असगर अंसारी, बजरंगी दास, मोहम्मद सलीम, लक्ष्मण साव, सरयू दास आदि मौजूद थे।