टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 22.07.2023 को झारखंड की विभिन्न महिला संगठनों ने मिलकर डंगराटोली चौक से अल्बर्ट एक्का चौक तक विरोध प्रदर्शन और पदयात्रा निकाली। जिसका उद्देश्य था मणिपुर में महिलाओं के साथ हो रही हिंसक घटनाओं पर सरकार से जवाब मांगना।
अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री, अमित शाह, राष्ट्रीय महिला और बाल कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह के पुतले दहन किये गये। मणिपुर में हुए महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटना पर महिलाओं ने अपना आक्रोश जताया।
इस प्रदर्शन में एलिना होरो सुनीता लकड़ा, दयामनी बारला, लीना, तारामणि साहू, तमन्ना बेगम, नगमा, डॉ किरण, शांति सेन, नंदिता भट्टाचार्य, कुमकुम, लीना पदम, ज्योतिषा कल्लामकल, सुषमा बिरुली, अलोका कुजूर, वासवी किरो, दीपा, जोशना, सिंघी खलखो सबिता कुजूर सिस्टर सत्य, मुक्ता मरांडी, मृणालिनी टेटे, स्वीटी केरकेट्टा और अन्य महिला साथियों के द्वारा अपना वक्तव्य रखा गया और मणिपुर में हुई घटना की घोर निंदा की गयी।
संत अन्ना और अर्सलाइन दोनों स्कूल और कॉलेजों के छात्राओं ने इस प्रदर्शन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। केंद्र और राज्य सरकारों से इसके लिए जवाब मांगा गया। नरेन्द्र मोदी मुर्दाबाद, अमित शाह मुर्दाबाद, स्मृति ईरानी और एंन वीरेंद्र सिंह मुर्दाबाद, जैसे बुलंद नारों से उपस्थित होकर साथियों ने अपना आक्रोश और विरोध प्रदर्शित किये।
महिलाओं ने अपने भाषण में इस शर्मनाक घटना को देश की आधी आबादी जनता पर एक घातक प्रहार कहा। देश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा एक धोखा साबित हुआ है। अमृतकाल और आजादी का अमृत महोत्सव के नाम पर सरकार ने बेटियों को सड़क पर नंगा घुमा कर और खुलेआम उनका दुष्कर्म कर विश्व के सामने अपनी असली मनुवादी चेहरा दिखाया है।
मणिपुर के जलते वक्त प्रधानमंत्री का तीन महीनों की चुप्पी और विदेशी यात्रा यह दर्शाता है कि अब देश चलाना इनकी बस की बात नहीं। प्रधानमंत्री इस कुर्सी के लायक नहीं रहे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस बर्बरतापूर्ण मामले पर चुप रहना महिलाओं और आदिवासियों के लिए और भी घातक साबित हो रहा है।
इस प्रदर्शन को महिलाओं का मंच जस्टिस फॉर मणिपुर सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के बैनर तले, इकट्ठे कई महिला संगठन मिलकर विरोध प्रदर्शन/ पुतला दहन का आयोजन किया। इस मंच को मणिपुर के घटनाओं के संदर्भ में कई महिला सामाजिक कार्यकर्ता एवं संगठन मिलकर गठन किया है।
महिलाओं पर हो रहे हिंसा और दमन के घटनाओं के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाना और महिलाओं के अधिकार के लिए निरंतर संघर्ष करना इस मंच का संकल्प है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: तारामणि( 9430742215), लीना (9631808557), एलिना (6201324960), सुनीता (8789211841)