टीम एबीएन, रांची। डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल गांधीनगर में 11वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 11वीं एवं 12वीं कक्षा के छात्रों के साथ प्राचार्य एवं सभी वरीय शिक्षक उपस्थित थे। कार्यक्रम का प्रारंभ सामूहिक यज्ञ के साथ किया गया।
हवन के पश्चात प्राचार्य एस के सिन्हा ने पुष्प वर्षा कर छात्रों को आशीर्वाद प्रदान किया तथा उन्हें कठिन मेहनत के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने वक्तव्य में डीएवी संस्थाओं के उद्देश्य उनके सिद्धांतों, मान्यताओं एवं इतिहास की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि लाहौर में स्थापित डीएवी कालेज संसाधनों के अभाव में जन्मा था। कौन जानता था कि कि लाहौर में स्थापित शिक्षा का वह नन्हा। पौधा अपनी एक हजार से अधिक शाखाओं एवं प्रशाखाओं में फैलकर देश के साथ विश्व को शिक्षा का मधुर फल प्रदान करेगा?
आज भारत में डीएवी शिक्षा का पर्याय बन गया है। उन्होंने महात्मा हंसराज के त्यागमय जीवन पर भी प्रकाश डाला तथा 11वीं कक्षा के छात्रों को अध्ययन की बारीकियों से परिचित कराया। छात्रों को सावधान करते हुए कहा कि आप अपनी लगन मेहनत और जुनून को पैदा करें जिससे कि आपका भविष्य उज्जवल हो सके। मौके पर 12वीं के छात्रों ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे गीत, संगीत, नृत्य आदि की मोहक प्रस्तुति दी।
मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा शिक्षकेतर कर्मचारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में निराकार आचार्य, ब्रजेशजी सिन्हा, जया जयसवाल, पुष्प झा, गोविंद झा, कविता मुखर्जी, नमिता कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, केके प्रसाद आदि शिक्षक शिक्षिकाओं की सराहनीय भूमिका रही।