डॉ मंजय प्रमाणिक द्वारा संपादित कुरमाली भाषा संस्कृति के साधक डॉ राजाराम महतो पुस्तक का विमोचन
टीम एबीएन, रांची। डॉ मंजय प्रमाणिक द्वारा संपादित कुरमाली भाषा संस्कृति के साधक राजाराम महतो पुस्तक का विमोचन आज रांची के होटल सिटी पैलेस में पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के द्वारा किया गया। कुरमाली भाषा परिषद के तत्वाधान में विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास उपस्थित थे।
आयोजित कार्यक्रम में पुर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने संबोधन में कहा कि कुरमाली भाषा और संस्कृति के साधक डॉ राजाराम महतो की पुस्तक कुरमाली भाषा आंदोलन का एक दस्तावेज है। कुरमाली पूरे झारखंड को एक सूत्र में पिरोने वाली प्राचीन और संपन्न भाषा है।
डॉ राजाराम महतो ने कुरमाली साहित्य और संस्कृति के विकास के लिए जो किया है, वह अभिनंदनीय है। मंच का संचालन कर रहे डॉ कमल बोस ने बताया कि इस पुस्तक में करीब 42 विद्वानों के लेख हैं। इसमें डॉ राजाराम महतो के संपूर्ण व्यक्तित्व का मूल्यांकन किया गया है।
इसके साथ ही राजाराम महतो ने भाषा, साहित्य, सांस्कृतिक, राजनीति, समाज सेवा में किस तरह अपनी पहचान बनायी है इसके बारे में विस्तार से बताया गया है। कार्यक्रम को रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा ने संबोधित करते हुए कहा डॉ राजाराम महतो कुरमाली भाषा के बड़े साधक हैं उन्होंने झारखंड के क्षेत्रीय भाषाओं के पहचान के लिए काफी संघर्ष किया है।
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ तपन शांडिल्य ने भी डॉ राजाराम महतो के व्यक्तित्व एवं उनके संघर्षों पर अपने विचार रखा। कार्यक्रम कार्यक्रम को पूर्व कुलपति अंजनी श्रीवास्तव, झारखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति त्रिवेणी नाथ साहू, साईं नाथ यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ एसपी अग्रवाल आदि ने संबोधित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रांची विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुकुल चंद्र मेहता ने किया। मौके पर बाल कलाकार अश्विनी कुमार महतो एवं प्रसिद्ध ढोलक वादक हेमली कुमारी ने स्वागत गान एवं कुरमाली गीतों से लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। मौके पर कुरमाली भाषा परिषद के द्वारा कुरमाली कवि एवं लेखकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।