टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग से प्रतिवर्ष अनेक प्रतिभाएं बारहवीं कक्षा की परीक्षा पास करके सुनहरे भविष्य की तलाश में निकल पड़ते हैं।विद्यालय के पूर्व छात्रों में डॉक्टर्स-इंजीनियर्स की कोई कमी नहीं है। ऐसे में विज्ञान संकाय का एक छात्र ऐसा भी है जो हिंदी साहित्य की सेवा में समर्पित है।
विद्यालय का मान बढ़ानेवाले उस विद्यार्थी का नाम आदर्श पांडेय है, जो वर्तमान में प्रयागराज विश्वविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई कर रहे हैं। कहा जाता है कि होनहार बिरवान के होत चिकने पात...। आदर्श पांडेय पर यह बात सौ फीसदी लागू होती है। उन्होंने बचपन से ही विभिन्न विषयों पर कविता की रचना करना शुरू किया।
उनकी कविताएं विद्यालय की पत्रिका आरुषि के साथ-साथ अन्य पत्र-पत्रिकाओं में भी प्रकाशित होती रहीं। उनकी प्रतिभा का विकास होता रहा और अब हिंदी के साहित्यकार के रूप में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलनी शुरू हो गई है। प्रयागराज, गोरखपुर, दिल्ली सहित अनेक स्थानों की साहित्यिक संस्थाओं ने उन्हें पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।
हिंदी- उर्दू अदबी संगम, दिल्ली की ओर से प्रकाशित पुस्तक आधुनिक जगत के अनमोल रत्न नमक पुस्तक में उनके साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए उनका परिचय प्रकाशित किया गया। प्राचार्य संजीत कुमार मिश्र ने आदर्श पांडेय की उपलब्धियों के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।
प्राचार्य ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आदर्श जैसे विद्यार्थियों पर हमें गर्व है ,जो हिंदी साहित्य जगत में सितारे की तरह चमकने को तैयार है। ईश्वर उनकी लेखनी को सशक्त बनाएं तथा वे भविष्य में और अधिक प्रभावशाली रचनाओं के साथ हिंदी साहित्य के आकाश पर छाये रहे।