बाबूलाल के सामने उतारने के पीछे की ये है रणनीति
टीम एबीएन, रांची। प्रदेश कांग्रेस में अध्यक्ष को लेकर लॉबिंग तेज है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद परिस्थिति तेजी से बदली है। कांग्रेस अब प्रदेश अध्यक्ष का चेहरा बदलना चाहती है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय का नाम दिल्ली में तेजी से उछला है। श्री सहाय को पार्टी जिम्मेवारी दे सकती है।
केंद्रीय नेतृत्व का मानना है कि किसी बड़े राजनीतिक कद-काठी के नेता को संगठन की जिम्मेवारी दी जाये। भाजपा द्वारा आदिवासी चेहरा आगे करने के बाद कांग्रेस मूलवासी के सहारे गोलबंदी में जुटी है। संगठन का मानना है कि प्रदेश में झामुमो के हेमंत सोरेन ऐसे भी गठबंधन का आदिवासी चेहरा है, तो पार्टी दूसरे विकल्प पर विचार करे।
केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष श्री सहाय की छवि एक बेहतर संगठनकर्ता के रूप में है। उधर, प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष रहे डॉ अजय कुमार का नाम भी सामने आया था। लेकिन सूचना के मुताबिक केंद्रीय आलाकमान डॉ अजय को दिल्ली में पार्टी की जवाबदेही देना चाहती है। झारखंड में भाजपा के सामने किसी बड़े नेता को उतारना चाहती है।
वहीं कांग्रेस के कई नेता प्रदेश अध्यक्ष के लिए अपनी लॉबिंग में जुटे हैं। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, कालीचरण मुंडा, प्रदीप बलमुचू और धीरज साहू जैसे नेताओं ने खुद को प्रोजेक्ट किया है। नेता खुद भी दिल्ली दरबार का चक्कर लगा चुके हैं।
कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व नये प्रदेश अध्यक्ष को लेकर जल्द ही फैसला लेगा। यूपीए की बैठक 17-18 जुलाई को बेंगलुरु में तय है, उसके बाद फैसला हो सकता है।
प्रदीप यादव ने दिल्ली में नेताओं से मुलाकात की
विधायक प्रदीप यादव ने पिछले दिनों दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की है। श्री यादव ने प्रदेश संगठन के हाल और चुनावी मुद्दों पर केंद्रीय नेताओं से चर्चा की। श्री यादव ने संसदीय चुनाव को लेकर केंद्रीय नेतृत्व से अपनी बात रखी।