टीम एबीएन, झुमरीतिलैया। श्री दिगंबर जैन मुनि के चातुर्मास को लेकर जैन भवन में ठहरे मुनि श्री 108 सुयश सागर जी से मिलने के लिए प्रतिदिन कोडरमा सहित झारखण्ड के विभिन्न जिलों एवं देश के विभिन्न राज्यो से भक्तों का आगमन हो रहा है। अगले 5 माह तक चातुर्मास में जैन मुनि श्री 108 सुयश सागर जी के द्वारा भक्ति की बयार बहेगी।
श्री दिगंबर जैन समाज एवं चातुर्मास समिति के द्वारा समय समय पर कई अनुष्ठान की रूप रेखा तय की गई है। इसी कड़ी में कलश स्थापन के साथ श्री दिगम्बर जैन नया और बड़ा मंदिर एवं जैन भवन में णमोकार मंत्र चालीसा से वातावरण भक्तिमय हो गया है।
साथ ही समाज का हर तपका अगले 5 माह तक प्रवचन, स्वाध्याय, दशलक्षण, मुनिश्री के जन्मोत्सव, गुरु पूजन तथा गुरु जनों का चित्र अनावरण जैसे आयोजन किया जायेगा। जैन मुनि के धर्म नगरी में प्रवेश के साथ ही जैन समाज ही नहीं अपितु अन्य समाज के लोग भी मुनि श्री का प्रवचन एवं आशीर्वाद के लिए पहुँचकर अपने आप को धन्य मान रहे है।
इधर, पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता जैन मुनि से आशीर्वाद लेने पहुंची। जहां जैन समाज के पदाधिकारियों ने शॉल व दुप्पटा ओढ़ाकर सम्मानित किया। साथ ही मुनि श्री के हाथों प्रतीक चिन्ह दिया गया। सम्मान पाकर पूर्व जिप अध्यक्ष ने कहा कि जैन धर्म हमें त्याग करने की सिख देता है।
सांसारिक जीवन से हम मनुष्य बंधे होते हैं लेकिन मुनि ससंघ सादा जीवन उच्च विचार की सिख हमें देते है। जैन मुनि त्याग की प्रतिमूर्ति होते है और चातुर्मास हमें एकत्र करने के लिए सिखाता है और इस चातुर्मास में तन मन धन से जैन समाज मुनि की सेवा करते है। चातुर्मास के समय ऋषि और कृषि कार्यो के लिए सर्वोत्तम होता है।
जैन मुनि एक ही शहर में रहकर वषार्काल अपनी साधना और आराधना के साथ व्यतीत करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य होता है कि वषार्काल में अनंत सूक्ष्म जीवों की उत्पत्ति हो जाती है और जीव हिंसा न हो इस कारण एक ही स्थान पर रहकर साधना करते हैं।
मौके पर जैन मुनि ने अपने आशीर्वचन में कहा कि इस चातुर्मास में देव -शास्त्र -गुरु की पूजन, प्रवचन, स्वाध्याय, तप, संयम के माध्यम से अपने जीवन को सफल बनायें।
इस अवसर पर जैन समाज के सचिव ललित सेठी, चातुर्मास कमीटी के संयोजक नरेंद्र झांझरी, चातुर्मास संयोजिका ममता सेठी, सुनीता सेठी साथ ही सुरेश झांझरी, सरोज पापड़ीवाल, राज छाबड़ा, नवीन पांड्या, नवीन जैन, राजा सेठी, सुशील अग्रवाल आदि लोग मौजूद थे।