टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 03/07/23 को स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर एक संगोष्ठी आयोजित की गयी। जिसमें प्रो अर्चना कुमारी दुबे (मानविकी संकाय प्रमुख तथा अध्यक्ष संस्कृत विभाग) ने दीप प्रज्ज्वलन कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया।
गुरु की महत्ता को व्यास के जन्मदिन से जोड़ते हुए सारगर्भित शब्दों में छात्रों के निरंतर उन्नति का संदेश दिया। विभाग के अन्य प्राध्यापकों ने भी अपने मधुर एवं ज्ञानवर्धक सुवचन से छात्रों को आशीर्वाद प्रदान किये।
डॉ मधुलिका वर्मा ने कहा शिष्यों में भी देवत्व होता है। डॉ उषा टोप्पो, डॉ प्रकाश सिंह, डॉ भारती द्विवेदी, डॉ घोषाल, डॉ राहुल कुमार, डॉ जगदंबा प्रसाद सभा में उपस्थित हुए। शोधार्थियों में धर्मवीर आर्य, जगन्मय विश्वास, मुरारी मंडल, कोयल दास तथा चतुर्थ समसत्र एवं द्वितीय समसत्र के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सभा का संचालन स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग के द्वितीय समसत्र के विद्यार्थी करिश्मा तथा रंजीत ने किया। छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये। नेहा कुमारी ने बहुत ही सुंदर नृत्य तथा रत्नप्रिया ने सुंदर गीत प्रस्तुति की।