- झारखंड में मना हूल क्रांति दिवस का उत्सव
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के लिए आज का दिन बेहद खास है। आज के ही दिन संथाल के धनुर्धारियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ पहले जंग का आगाज किया था, जिसे संथाल विद्रोह और संथाल हूल के नाम से याद किया जाता है। इतिहास के पन्नों में ऐसे सिपाही विद्रोह को आजादी की पहली लड़ाई माना जाता है।
जल, जंगल, जमीन की रक्षा के साथ अंग्रेजी हुकूमत और महाजनों के शोषण और अत्याचार से तंग आकर वीर नायक सिद्धो, कान्हू, चांद, भैरव के नेतृत्व में विद्रोह का एलान किया था। अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले झारखंड के इन नायकों की शौर्यगाथा और बलिदान को याद किया जाता है।
इसलिए झारखंड के तमाम हिस्सों में हूल दिवस का विशेष महत्व है। रांची, बोकारो, जमशेदपुर, धनबाद, सरायकेला में हूल दिवस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्यपाल से लेकर सीएम सोरेन और विपक्ष से लेकर तमाम पूर्व सीएम तक ने अपने अपने इलाकों में हूल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर वीर नायकों को नमन किया।