मेदिनीनगर। धान खरीद मामले में पांच सौ करोड़ क्या पांच अन्ना का भी घोटाला नहीं हुआ है। उक्त बातें पांकी विधानसभा क्षेत्र के नेता सह समाजसेवी रामदास साहू ने कही। वे अपने ऊपर लगे घोटाले के आरोपों को लेकर प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रख रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरी पारदर्शिता के धान खरीद में घोटाला नहीं भ्रम फैलाया जा रहा है। भारतीय खाद्य निगम धान की खरीदारी करती है। जिसका प्रति वर्ष औडिट भी सरकार कराती है। जहां तक हमारा मामला है तो मेरा राईस मिल है जिसका सरकार के साथ अनुबंध है। अनुबंध के अनुसार एफसीआई का 30% धान की कुटाई कर चावल लौटाना पड़ता है। साथ ही राईस मिल चलाने के लिये करार के मुताबिक एफसीआई से धान खरीदी करना पड़ता है। इसलिए किसानों से धान क्रय में मेरा कोई संबंध दूर- दूर तक नहीं है। जहां तक धान बिक्री का मामला है तो व्यवसायी होने के साथ-साथ मैं एक किसान भी हूं और धान सहित सभी फसल पैदा करता हूं। हमारे जमीन का सारा विवरण सरकारी रिकॉर्ड में है। तो जब हम धान पैदा करते हैं, तो सरकार के पास बेचते भी हैं। धान बेचना गुनाह कैसे हो सकता है? जहां तक दूसरे प्रखंड के विक्रय केन्द्र पर धान बेचने की बात है तो यह एफसीआई तय करती है और एफसीआई का गोदाम जहां खाली रहता है एफसीआई संबंधित किसानों को उक्त केंद्र पर अपनी उपज धान बेचने के लिए बुलाती है। साथ ही सरकारी निर्देशानुसार अपना धान कुटाई के लिए राइस मिल में भेजती है। एक क्विंटल धान के बदले 68 kg चावल हम एफसीआई को देते हैं। एफसीआई धान एवम चावल लाने ले जाने के लिए भाड़ा देती है फिर घोटाला कहां हुआ?
पांकी विधानसभा में हमारी बढ़ती लोकप्रियता से कुछ लोगों को ईर्ष्या होने लगी है। ऐसे ही लोग घबराकर कुछ लोगों के साथ मिलकर साजिश कर हमारी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। मौके कामेश यादव, नौशाद खान, भोला पांडेय, जगदीश पांडेय, राजा गुप्ता, राजेन्द्र दूबे, ललन साहू, अजय साहू व कमलेश सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।