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पलामू : अब सड़क किनारे फुटपाथ पर नहीं बिकेंगी मछलियां

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पलामू : अब सड़क किनारे फुटपाथ पर नहीं बिकेंगी मछलियां
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मेदिनीनगर। महापौर अरूणा शंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कुछ लोग अपने प्रवृत्ति के अनुसार विकास नहीं चाहते। मैं खुद के पैसे से भी ओवरब्रिज सजाती हूं तो उन्हें रास नहीं आती, खुद के पैसे से कचहरी रोड के पेड़ों को रंग रोगन से सजाती हूं तो उन्हें बुरा लगता है। मैं निगम के तरफ से शहर की खूबसूरती के लिए कोई योजना बनाती हूं तो उनका दरखास्त निगम में सबसे पहले पहुंचता है। सरकार द्वारा दिए गए जमीन पर गरीब फुटकर व्यवसायियों जो वर्षों से वेंडर जोन की मांग कर रहे हैं उनके लिए वेंडर जोन बनाने के लिए भूमि चयनित करती हूं तो पहला आपत्ति नेताजी का आ जाता है। मेयर ने नेताजी को कहा कि आप दो 4 लोगों को छोड़कर सारे कांग्रेस एवं जेएमएम के हमारे भाईयों ने ओवरब्रिज को भी सराहा और विकास कार्य में मदद कर रहे हैं । वह चाहते हैं कि उनकी सरकार में भी निगम क्षेत्र का विकास हो ,यह शहर मेरा नहीं हम सबों का है। इसी उद्देश्य से सरकार द्वारा भी पर्याप्त राशि विकास के लिए निगम को दी जा रही है। मेयर ने कहा कि मात्र दो चार लोग जिनके स्वार्थ सिद्धि पूरी नहीं हो रही है वह हर कार्य में विरोध कर रहे हैं। जहां तक कुछ लोगों द्वारा कहा जा रहा है की मेरे परिवार द्वारा तालाब की भूमि पर निर्माण किया जा रहा है तो उन्हें बताना चाहती हूं कि उपायुक्त पलामू द्वारा कुछ दिन पूर्व प्रशिक्षु आईएएस के देखरेख में नापी कराई गई थी जिसमें 1 फीट भी एंक्रोचमेंट नहीं पाया गया जिसकी जानकारी खासमहाल से ली जा सकती है। मेयर ने कहा कि जहां तक मछुआरों द्वारा बेलवा टीकर नाला के संबंध में विवाद उठाया जा रहा है तो मैं उन्हें स्पष्ट करना चाहती हूं कि मैं जरूर प्रयास कर रही थी की बिना किसी कंस्ट्रक्शन के नाले के ऊपर मात्र पीवर ब्लॉक लगाकर मछली बेचने के लिए उन लोगों को स्थान प्रदान करें। उन लोगों द्वारा पूरे तालाब के बाउंड्री वॉल को तोड़कर जगह जगह पर मछली बेचने की दुकान बनाई जा रही है जिसके लिए कई लोगों ने लिखित शिकायत निगम को दी है की खुले में मांस और मछली ना बेचने दी जाए ।यह सुप्रीम कोर्ट का भी निर्देश है लेकिन अगर वह नहीं चाहते तो वहां उन्हें नहीं भेजा जाएगा मात्र वहां 100 वर्ष पुरानी ध्वस्त नाला जो तालाब के पानी एवं स्टेशन रोड के नाले के पानी को निकालने के लिए बनाई जाएगी क्योंकि मत्स्य विभाग ने ही तालाब के पानी को एक तरफ से आने और दूसरी तरफ से ओवरफ्लो करने का निर्देश दिया है। तालाब के बाउंड्री वॉल को तोड़कर रोड पर मछली बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्हें निगम द्वारा निर्मित शेल्टर हाउस जाना पड़ेगा। आज कई मछुआरे मुझसे मिलकर बताया कि आपके द्वारा हम सबों को बसाने के लिए एक अच्छा कार्य किया जा रहा है पर हम सब एक ही परिवार के कुछ मछुआरे जो पूरे संस्था पर कब्जा किए हुए हैं के शिकार हैं।
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