- पलामू वासियों के लिए राज्यपाल की बड़ी घोषणा
टीम एबीएन, पलामू। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन पलामू प्रमंडल के दो दिवसीय दौरे पर हैं, यहां पर जब लोगों ने उनसे डॉक्टरों की गैरमौजूदगी के बारे में शिकायत किया। तब उन्होंने कहा कि अब डॉक्टर बायोमेट्रिक अपना अटेंडेंस बनायेंगे, हम इसकी कोशिश करेंगे।
झारखंड में डॉक्टर बायोमैट्रिक सिस्टम से अपना अटेंडेंस लगायेंगे। इसकी घोषणा राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने की। दरअसल, राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन दो दिवसीय पलामू प्रमंडल के दौरे पर हैं। शुक्रवार को राज्यपाल पलामू के रामगढ़ प्रखंड के नावाडीह पंचायत में आदिम जनजाति परिवारों से मुलाकात की।
राज्यपाल ने पलामू वासियों के लिए की बड़ी घोषणा
नावाडीह में स्थानीय ग्रामीणों के साथ राज्यपाल ने संवाद किया। इसी समाज में ग्रामीणों ने शिक्षक और डॉक्टर की गैरमौजूदगी की शिकायत की। जिसके बाद राज्यपाल ने बायोमैट्रिक सिस्टम से अटेंडेंस बनाने की बात कही।
ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केंद्र और स्कूलों में शिक्षक और डॉक्टर की मौजूदगी बहुत जरूरी है। अभी फिलहाल शिक्षकों की बायोमैट्रिक सिस्टम से हाजिरी बनायी जा रही है। आने वाले दिनों में अब ग्रामीण इलाकों में भी डॉक्टरों की बायोमैट्रिक सिस्टम से हाजिरी बनायी जायेगी, जिससे ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य शिक्षा बहाल हो सके।
ग्रामीण इलाकों में सुधरेगी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था
राज्यपाल ने ग्रामीणों से शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की जानकारी वरीय अधिकारियों को पहुंचाने की अपील की। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि आदिम जनजाति का विकास इस राज्य से जुड़ा है। आदिम जनजातियों का विकास होगा, तभी इस राज्य का विकास होगा। इस दौरान ग्रामीणों से संवाद के दौरान ग्रामीणों से जुड़े समस्याओं से अवगत हुए।
जंगली इलाके में विकास पहुंचाना बड़ी चुनौती
राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि जंगली इलाके में विकास का कार्य पहुंचाना बहुत बड़ी चुनौती है। अगर आदिम जनजाति के परिवार सहमति देते हैं, तो उन्हें गांव या शहरी इलाके में बसाने पर विचार किया जा सकता है। राज्यपाल ने अपने गांव के बारे में जिक्र करते हुए बताया कि जिस गांव से आते हैं, वह गांव काफी छोटा है। वहां से राज्यपाल तक का सफर काफी संघर्ष भरा रहा।