टीम एबीएन, चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय शहर चाईबासा स्थित मांगीलाल रूंगटा प्लस टू उच्च विद्यालय के सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त अनन्य मित्तल के अध्यक्षता में निपुण भारत मिशन- झारखंड अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला की गयी।
जिसका मुख्य उद्देश्य एजुकेशन वर्किंग ग्रुप के माध्यम से मूलभूत साक्षरता को बढ़ावा देना तथा डिजिटल और ऑनलाइन मीडिया के माध्यम से होने वाला औपचारिक शैक्षणिक कार्यक्रम द्वारा प्रारंभिक शिक्षा के दौरान बच्चों के मनोभाव को समझना एवं उसको विकसित करने हेतु सार्थक प्रयास किया जाना है। जिसके तहत स्कूली, शिक्षा और साक्षरता विभाग-झारखंड के तत्वावधान पर प्राथमिक कक्षाओं में कई प्रकार के टीचर लर्निंग मैटर वितरित किये गये हैं।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा हम सभी के लिए काफी जरूरी है तथा आवश्यक है कि बदलते दौर में भी सभी शिक्षक अपने बेहतर प्रदर्शन को बरकरार रखते हुए शिक्षा को और रुचिकर बनाने हेतु प्रयासरत रहें, ताकि ग्रामीण या शहरी क्षेत्र के सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी प्राथमिक स्तर पर बच्चों को व्यवहारपरक ऐसी शिक्षा मिले, जिसे बच्चे आसानी से समझ पायें। उपायुक्त के द्वारा कार्यशाला में उपस्थित झारखंड शिक्षा परियोजना से जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को संसूचित किया कि कार्यशाला में साझा की जा रही जानकारियों को प्राप्त करते हुए बेसिक स्तर पर इसका कार्यान्वयन करें ताकि आने वाले समय में हमारे जिले के बच्चे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
कार्यशाला के दौरान आधारशिला कार्यक्रम के आयोजन के संदर्भ में बताया गया कि इसका प्रमुख लक्ष्य राज्य के शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य की सराहना तथा प्रोत्साहित करना है, जिन्होंने डिजिटल और ऑनलाइन मीडिया के माध्यम से होने वाला औपचारिक शैक्षणिक कार्यक्रम तहत टीएलएम का उपयोग कर छात्रों के समग्र विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उक्त अवसर पर जिला शिक्षा अधीक्षक श्री अभय कुमार शील, क्षेत्रीय शिक्षा पदाधिकारी, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी, बीआरपी, सीआरपी, शिक्षक सहित शिक्षा परियोजना के अन्य पदाधिकारी/कर्मी उपस्थित रहे।