- विस्थापन आयोग का गठन शिविर करे झारखंड सरकार
- झारखंड मे भूमि अधिग्रहण कानून 2013 लागू नहीं : महेंद्र पाठक
- एचईसी, पीटीपीएस, मैथन डैम बीटीपीएस सहित राज्य भर में पूर्व से अधिग्रहित बचे हुए जमीनों को किसानों को वापस करे
टीम एबीएन, रांची। रांची सीपीआई राज्य कार्यालय में वामदलों की ओर से प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में हजारीबाग के पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव महेंद्र पाठक, राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव, सीपीआई जिला सचिव अजय कुमार सिंह, पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि राज्य में जल जंगल जमीन के दोहन हो रही है।
राज्य में विस्थापितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है, सरकार के 4 साल बीत जाने के बावजूद विस्थापन आयोग का गठन नहीं हुआ नाही विस्थापन नीति बनी राज्य में स्थानीय नीति एवं नियोजन नीति भी नहीं है यहां के लोगों को रोजगार पाना मुश्किल है। पहले भी कई कल कारखाने राज्य में बने।
जरूरत से कई गुना जमीन अधिग्रहण हुआ, आज सरकार बेच रही है। राज्य में हजारीबाग के बड़कागांव सहित कई जगहों पर दर्जनों कोल ब्लॉक अडानी अंबानी, जिंदल, मित्तल का खुलने जा रहा है। लेकिन किसानों की जमीन जबरन औने पौने भाव में लिया जा रहा है। गैरमजरूआ जमीन के जंगल झाड़ के नाम पर रसीद नहीं काटा जा रहा है। बल्कि जंगल झाड़ के नाम पर अंचल कार्यालयों में बड़े पैमाने पर रुपये की वसूली हो रही है।
शिवपुर कठौतिया माइंस रेलवे लाइन में सैकड़ों एकड़ जमीन गैरमजरूआ बरसों से जोत आबाद एवं रसीद कटता आया है। उन्हें भी लाठी गोली के बल पर जमीन लूटा जा रहा है। राज्य में बगैर विस्थापन आयोग के गठन किए हुए विस्थापितों को न्याय नहीं मिल सकता है। इसलिए दिनांक 28 जून 20 23 को राजभवन पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा।
भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि पूर्व में अधिग्रहित जमीन जरूरत से हजारों एकड़ ज्यादा लिया गया है। अगर भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की धारा 24 के भाग 2 को राज्य सरकार लागू करें। हजारों एकड़ जमीन किसानों को वापस होगा, लेकिन सरकार 60-40 में उलझा कर राज्य के लोगों को बरगला रही हैं, केंद्र एवं राज्य की सरकार आम जनता को धोखा देने का काम किया है।
राज्य में स्थानीय नीति नियोजन नीति नहीं रहने के कारण पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा मारे फिरे चल रहे हैं। सरकार के पास कोई नीति का निर्धारण नहीं है।केंद्र सरकार भी न्यूनतम मूल्य के सवाल पर किसानों को धोखा दिया। हरियाणा में किसानों पर लाठीचार्ज को भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी निंदा करती है और लोगों को से अपील करती है राज्य में जल जंगल जमीन की हिफाजत के लिए सड़कों पर उत्तरे।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, वरिष्ठ नेता पीके गांगुली गणेश प्रसाद सिंह राजद के राजेश यादव उपस्थित थे। उक्त जानकारी भारतीय कम्यूनिस्ट के सचिव अजय कुमार सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।