टीम एबीएन, रांची। रांची के ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट में नेम्हा वैली फाउंडेशन और झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस और महिला सशक्तिकरण पर कार्यक्रम अयोजित किया गया जिसमे झारखंड चैंबर के अध्यक्ष किशोर मंत्री ने पर्यावरण संतुलन और महिला शक्तिकरण पर प्रकाश डाला।
यह कहा कि जिस राज्य में जल जंगल की पूजा होती है, यह पर्यावरण की रक्षा के लिए अच्छी बात है साथ ही पर्यावरण को बचाने के लिए जरूरी है। माननीय प्रधानमंत्री ने भी लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट के अंतर्गत सेव एनर्जी सेव वाटर, से नो टू प्लास्टिक, अडॉप्ट सस्टेनेबल फूड सिस्टम, रिड्यूस वेस्ट पर कहा है, हमें भी इसका अनुसरण करना चाहिए।
गोस्सनर कॉलेज की अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष ईवा मार्गरेट हांसदक ने सभी लोगों से प्लांट लगाने, जैविक विविधता, खाद्य सुरक्षा के महत्व को समझाया। सभी वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण संतुलन, सतत विकास पर अपने विचार रखे। यह कहा गया कि आदिवासी जीवनशैली के लिए पर्यावरण की सुरक्षा अत्यधिक जरूरी है।
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कार्यक्रम में माला कुजूर ने सभी उपस्थित लोगों को शपथ दिलाया। लोगों ने यह शपथ लिया कि हम प्रतिज्ञा करते हैं कि पर्यावरण को बचाने के लिए अपने दैनिक जीवन में हर संभव बदलाव लायेंगे। हम यह भी वचन देते हैं कि अपने परिवार मित्रों और अन्य लोगों को पर्यावरण के अनुकूल आदतों और व्यवहारों के महत्व के विषय में सतत रूप से प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ ईवा मार्गरेट हंसदक, चैम्बर अध्यक्ष किशोर मंत्री, उषा मंत्री, माला कुजूर, श्रीमती सुफल एक्का, अजय टोप्पो, अनिमा बा, अलीना होरो, ललिता तिग्गा, इंद्रमणि तिग्गा, पूनम कुजूर, रश्मी कुजूर, प्रीति भगत, प्रिया भगत, शीतल मिलन आदि शमिल थे। उक्त जानकारी संगठन के महासचिव डॉ अभिषेक रामाधीन और प्रवक्ता ज्योति कुमारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। रांची के ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट में नेम्हा वैली फाउंडेशन और झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस और महिला सशक्तिकरण पर कार्यक्रम अयोजित किया गया जिसमे झारखंड चैंबर के अध्यक्ष किशोर मंत्री ने पर्यावरण संतुलन और महिला शक्तिकरण पर प्रकाश डाला।
यह कहा कि जिस राज्य में जल जंगल की पूजा होती है, यह पर्यावरण की रक्षा के लिए अच्छी बात है साथ ही पर्यावरण को बचाने के लिए जरूरी है। माननीय प्रधानमंत्री ने भी लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट के अंतर्गत सेव एनर्जी सेव वाटर, से नो टू प्लास्टिक, अडॉप्ट सस्टेनेबल फूड सिस्टम, रिड्यूस वेस्ट पर कहा है, हमें भी इसका अनुसरण करना चाहिए।
गोस्सनर कॉलेज की अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष ईवा मार्गरेट हांसदक ने सभी लोगों से प्लांट लगाने, जैविक विविधता, खाद्य सुरक्षा के महत्व को समझाया। सभी वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण संतुलन, सतत विकास पर अपने विचार रखे। यह कहा गया कि आदिवासी जीवनशैली के लिए पर्यावरण की सुरक्षा अत्यधिक जरूरी है।
कार्यक्रम में माला कुजूर ने सभी उपस्थित लोगों को शपथ दिलाया। लोगों ने यह शपथ लिया कि हम प्रतिज्ञा करते हैं कि पर्यावरण को बचाने के लिए अपने दैनिक जीवन में हर संभव बदलाव लायेंगे। हम यह भी वचन देते हैं कि अपने परिवार मित्रों और अन्य लोगों को पर्यावरण के अनुकूल आदतों और व्यवहारों के महत्व के विषय में सतत रूप से प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ ईवा मार्गरेट हंसदक, चैम्बर अध्यक्ष किशोर मंत्री, उषा मंत्री, माला कुजूर, श्रीमती सुफल एक्का, अजय टोप्पो, अनिमा बा, अलीना होरो, ललिता तिग्गा, इंद्रमणि तिग्गा, पूनम कुजूर, रश्मी कुजूर, प्रीति भगत, प्रिया भगत, शीतल मिलन आदि शमिल थे। उक्त जानकारी संगठन के महासचिव डॉ अभिषेक रामाधीन और प्रवक्ता ज्योति कुमारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।