दूसरे दिन पुलिस को मिली बड़ी सफलता
- इससे पहले सब जोनल कमांडर तीन लाख के ईनामी नक्सली राजेश उरांव को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था
- गुमला में माओवादी संगठन खत्म होने के कगार पर पहुंची
- घटना की पुलिस ने नहीं की है पुष्टि
- मारे गये नक्सली लजीम अंसारी के घर पुलिस ने इश्तेहार चिपकाकर सरेंडर करने की अपील की थी
टीम एबीएन, गुमला। भाकपा माओवादी संगठन के पांच लाख के ईनामी कमांडर लजीम अंसारी को शुक्रवार को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। घटना चैनपुर थाना क्षेत्र के कातिंग पंचायत क्षेत्र में घटी है। हालांकि पुलिस मामले पर कुछ भी कहने से बच रही है।
अपुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिस तरह सब जोनल कमांडर राजेश को पुलिस ने ढेर किया है। उसी तर्ज पर लजीम अंसारी को भी मार गिराने की संभावना व्यक्त की जा रही। गुरुवार को ही पुलिस ने आंजन रोड में भाकपा माओवादी के सब जोनल कमांडर तीन लाख के ईनामी राजेश उरांव को मुठभेड़ में मार गिराया था।
पुलिस लगातार माओवादियों के खिलाफ सर्च अभियान चला रही है। इसी क्रम में दूसरे दिन भाकपा माओवादी संगठन को बड़ा झटका देते हुए पुलिस ने लजीम अंसारी को मार गिराने में सफलता प्राप्त की है। माओवादियों के खिलाफ मिल रहे सफलता से पुलिस का हौसला बुलंद है।
लजीम अंसारी के मारे जाने के बाद गुमला जिला भाकपा माओवादी संगठन की कमर पूरी तरह टूट गई है। अब संगठन में रंथू उरांव, खुदी मुंडा सहित एक दो ही कमांडर बच गये हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुठभेड़ में लजीम अंसारी को कई गोली लगी है। वही मुठभेड़ के दौरान के नक्सली अंधेरे का लाभ उठाते हुए भागने में सफल रहे। ज्ञात हो कि कुछ माह पहले गुमला पुलिस के द्वारा लजीम अंसारी के घर पर इश्तिहार चिपका कर सरेंडर करने को कहा था।
उसके परिजनों को भी लजीम से सरेंडर कराने की अपील की थी। सरेंडर नहीं करने पर पुलिस ने लजीम को मार गिराने की चेतावनी भी दी थी। उसके बाद भी लजीम अंसारी ने सरेंडर नहीं किया था और आज पुलिस ने मुठभेड़ में उसे मार गिराया है।