झारखंड
पंचायत चुनाव नहीं कराना लोकतंत्र की हत्या : महादेव
ABN Bureau
•
23 Nov, 2021
•
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कोडरमा। भाकपा जिला परिषद कोडरमा ने कोडरमा समाहरणालय के समक्ष धरना दिया। इसके पूर्व कोडरमा थाना निकट से सैकड़ों की संख्या में जुलूस निकालकर अपनी मांगों के सवाल को लेकर नारा लगाते हुए कोडरमा जिला समाहरणालय पहुंचा, जहां यह धरना में तब्दील हो गया। दिसंबर 2021 के अंतिम सप्ताह तक पंचायत चुनाव करा लेने, मनरेगा योजना में सामग्री का पैसा भुगतान करने, चंदवारा प्रखंड के अंतर्गत कांटी एवं मझगवां के बीच को गोखाने नदी एवं पोकडंडा एवं जमकटी के बीच दूधी नदी में डीपीआर तैयार पुल का टेंडर करने, कोडरमा प्रखंड के लरियाडीह पंचायत को पंचायत चुनाव आरक्षण कोटा में सामान्य करने, चंदवारा अतिरिक्त पीएचसी को को एचपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तब्दील करने, कृषि कार्य हेतु किसानों को किरासन तेल देने, गैरमजरूआ जमीन का रसीद निर्गत करने, जयनगर प्रखंड में अंचलाधिकारी का पदस्थापन करने आदि सवालों को लेकर धरना दिया। इस दौरान युवा नेता पुरुषोत्तम यादव की अध्यक्षता में सभा की गई। अपने अध्यक्षीय भाषण में पुरुषोत्तम यादव ने कहा कि झारखंड में पंचायत चुनाव आवश्यक है। इसे टालना दुर्भाग्यपूर्ण होगा। धरना को संबोधित करते हुए महादेव राम ने कहा कि लोकतंत्र में प्रतिनिधि 5 वर्ष के लिए ही चुने जाते हैं। 5 वर्ष से अधिक कोई प्रतिनिधि अगर काम करता है या अपने पद पर बन रहता है, तो यह लोकतंत्र का दुर्भाग्य है। 2015 दिसंबर में पंचायत चुनाव हुआ था। कार्यकाल के अनुसार दिसंबर 2020 तक पंचायत चुनाव करा लेना था, लेकिन दुर्भाग्यवश कोरोनावायरस का बहाना बनाकर पंचायत चुनाव टाला गया एवं छह माह का विस्तार दिया गया। इतना ही नहीं, जून 2021 में पुनः 6 माह का विस्तार दिया गया। यह लोकतंत्र की हत्या है। पंचायत चुनाव की सारी तैयारी हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तैयारी कर चुका है। बावजूद पंचायत चुनाव टालना लोकतंत्र के गला घुटने घुटने का समान है। धरना को संबोधित करते हुए सीपीआई जिला मंत्री प्रकाश रजक ने कहा कि कोडरमा जिले में पंचायत चुनाव की सारी तैयारी हो गई थी। मतदाता का बिखंडीकरन हो चुका था, फिर भी पंचायत चुनाव टालना जिले का दुर्भाग्य है। जिन उम्मीदवारों ने अपना प्रचार शुरू कर दिया था, गांव में लोगों से मिल रहे थे। चुनाव नहीं होने से उन उम्मीदवारों के आशा पर भी पानी फिर गया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी संघर्ष पर विश्वास करती है। अगर चुनाव दिसंबर के अंत तक कराया नहीं गया, तो पार्टी जन आंदोलन तीव्र करेगी। उन्होंने कहा कि संघर्ष के सामने किसी का नहीं चलता है। किसानों के आंदोलन के सामने जिन्होंने 1 साल तक लगातार आंदोलन किया। आंदोलन को कुचलने के लिए मोदी सरकार एक से एक उपाय लगाया, फिर भी किसान डंटे रहे। किसानों के आंदोलन के समक्ष मोदी को झुकना पड़ा। इसी तरह झारखंड में पार्टी चुनाव को लेकर जन आंदोलन करेगी। सरकार को झुकना होगा। धरना को संबोधित करते हुए महिला नेत्री सोनिया देवी ने कहा कि किसान आंदोलन देश के लोगों को आंदोलन करने की प्रेरणा दी है। इससे अब जन समस्याओं को लेकर लोग आंदोलन करेंगे। जन समस्याओं का आंदोलन में उर्जा रहेगा, क्योंकि किसान आंदोलन ने लोगों को प्रेरित किया है। धरना को प्रमुख विरेंद्र यादव कहा कि पंचायत चुनाव कराना झारखंड के आवाम की मांग है। अगर पंचायत चुनाव सरकार नहीं कराती है, तो राज्य सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन के खिलाफ आक्रोश बढ़ेगा। धरना को अंचल मंत्री अर्जुन यादव, काली सिंह, समीम खान उर्फ बुलबुल खान, रामेश्वर चौधरी, सहदेव चौधरी, रामेश्वर यादव, बसमतिया देवी, बलवा देवी, गीता देवी, सिकंदर कुमार ने भी संबोधित किया। धरना के पश्चात 9 सूत्री मांग पत्र कोडरमा उपायुक्त आदित्य रंजन को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान सभी बिंदुओं पर संतोषजनक आश्वासन मिला। धरना में चुरामन दास, ब्रह्मदेव दास, गौतम दास, भुनेश्वर राणा, कैलाश रजक, कामेश्वर पंडित, धनपत यादव, ब्रह्मदेव राणा, अंचल मंत्री सच्चिदानंद पांडेय, मनोज,ल रविदास, सरयू दास, कामेश्वर राणा, हरि पासवान, भोला पासवान, शांति देवी, सुदामा देवी, रेखा देवी, किरण देवी, सुमित्रा देवी, मुसम्मत लक्ष्मी, गिरिजा देवी, सरस्वती देवी आदि मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापन समीम खान उर्फ बुलबुल खान ने किया।
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