टीम एबीएन, कर्रा (लोधमा)। जेठ माह के अमावस को वट सावित्री व्रत किया जाता है। सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए वट का पूजन करती है।
इसके पीछे कथा है कि कैसे सावित्री अपने पति के पार्थिव शरीर को इसी वट वृक्ष के नीचे रखकर उनके प्राण यमराज से वापस ले आयी थी। इस पूजन में परिवार के कल्याण की प्रार्थना है। क्योंकि बट वृक्ष में त्रिदेव या ब्रह्मा विष्णु महेश का वास होता है। इसी कारण महिलाएं वट वृक्ष का पूजन करती है।