- अपने समाज और देश के लिए चिंतन करना आवश्यक : सच्चिदानंद अग्रवाल
टीम एबीएन, लोहरदगा। वनवासी कल्याण केंद्र की संबद्ध इकाई श्री हरि वनवासी विकास समिति द्वारा संचालित रामकली देवी सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में तीन दिवसीय प्रांतीय वंदना सह गीत प्रशिक्षण वर्ग का शुभारम्भ हुआ।
उद्घाटन सत्र के अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संचालक सच्चिदानंद अग्रवाल, अखिल भारतीय सह शिक्षा प्रमुख ब्रजमोहन मंडल, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण केंद्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृपा प्रसाद सिंह तथा प्रांत शिक्षा प्रमुख सुभाष चंद्र दुबे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर ब्रजमोहन मंडल ने कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनजाति बंधुओं ने जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए अपना सर्वस्व समर्पण किया, तिलका मांझी, फूलो झानो, चांद भैरव, बिरसा मुंडा ने हमारे धर्म और संस्कृति के लिए अपना बलिदान दिया।
ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों के वनवासी बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था करना ही सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना का उद्देश्य है ताकि वनवासी बंधुओं के बच्चों का का संपूर्ण शैक्षणिक विकास हो सके।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित सच्चिदानंद अग्रवाल ने कहा कि आज हमें गौ- गीता के बारे जानना जरूरी है। अपने समाज और देश के लिए चिंतन करना जरूरी है। अपनी संस्कृति को बचाने की आवश्यकता है।
इस कार्य में सरस्वती शिशु मंदिर महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है शिशु मंदिर के द्वारा किया गया कार्य अतुलनीय एवं अनुकरणीय है। वंदना सह गीत प्रशिक्षण के माध्यम से लोगों के मन में स्वस्थ एवं स्वच्छ विचारधारा को गढ़ने का जो कार्य किया जा रहा है वह अद्भुत एवं उत्साहवर्धक है।
उद्घाटन सत्र में बच्चों ने स्वागत गीत, गणेश वंदना, नागपुरी गीत को प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। मौके पर लखबीर सिंह, ब्रज मनी पाठक, जया देवी, वीरेंद्र मित्तल, दीन बंधु सिंह, जगमोहन बड़ाईक, फूलदेव भगत, हीरालाल महतो, मंगल सिंह मुंडा, नरेंद्र मित्तल, राम ध्यान सिंह समेत 32 विद्यालय से आये हुए 149 आचार्य बंधु, महिला आचार्य एवं बच्चे उपस्थित थे।