एबीएन सेंट्रल डेस्क। वंदे भारत ट्रेन का परिचालन अब रांची से पटना और रांची से हावड़ा के बीच भी किया जायेगा।
इस सेवा का यात्रियों को लंबे समय से इंतजार है। विस्टाडोम युक्त ट्रेन रांची डिविजन को मिल गया है। अब बोर्ड से समय सारिणी का इंतजार है।
दक्षिण-पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक अर्चना जोशी गुरुवार को रांची-बंडामुंडा दोहरीकरण एवं संरक्षा कार्यों का निरीक्षण किया।
इस दौरान रांची रेलवे स्टेशन पर बताया कि रांची से वंदे भारत ट्रेन परिचालन को लेकर रांची रेल मंडल की तैयारी पूरी है।
रेलवे बोर्ड से रैक व समय सारणी मिलने के साथ ही ट्रेन चलाया जायेगा।
उल्लेखनीय है कि रांची से पटना और रांची से हावड़ा के बीच ट्रेन का परिचालन होना है, जिसका इंतजार यात्री भी बेसब्री से कर रहे हैं। फिलहाल ट्रेन कब मिलेगी, इसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी।
वहीं रांची-गिरीडीह ट्रेन चलने को लेकर बताया कि विस्टाडोम युक्त ट्रेन रांची डिविजन को मिल गया है। बोर्ड से समय सारिणी का इंतजार है। इसके मिलते ही ट्रेन का परिचालन शुरू हो जायेगा।
वहीं रांची रेलवे स्टेशन रीडेवलपमेंट कार्य धीमी गति से चलने के मामले में बताया कि अभी शिफ्टिंग का कार्य हो रहा है। वर्ष 2024 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जल्द इस दिशा में कार्य में तेजी दिखेगी। दूसरी ओर उन्होंने ओरगा और रांची के बीच विभिन्न स्टेशनों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण की शुरुआत ओरगा स्टेशन से हुई। जहां उन्होंने नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग बिल्डिंग, स्टेशन परिसर और रेलवे कॉलोनी का निरीक्षण किया।
इसके बाद ओरगा-टाटी सेक्शन में हेवी रॉक ब्रेकिंग मशीन द्वारा रॉक कटिंग के कार्य को देखा और अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
कनरवा स्टेशन और टाटी के बीच प्रमुख पुल संख्या 574 का भी उन्होंने निरीक्षण किया।
बानो में उन्होंने टैक्शन सब स्टेशन, नयी स्टेशन बिल्डिंग और हेल्थ यूनिट का निरीक्षण किया। महाप्रबंधक ने पकरा में नवनिर्मित डबल लाइन, स्टेशन भवन और यार्ड का निरीक्षण किया।
ट्रैक की स्थिति का आंकलन करने के लिए ज्वाइंट लाइन नंबर-दो पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल किया। वहीं रांची स्टेशन के री-डेवलपमेंट को लेकर बैठक की।
निरीक्षण के दौरान हटिया-बंडामुंडा दोहरीकरण कार्य की प्रगति के संबंध में संबंधित अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। वहीं कार्य को निर्धारित समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।