टीम एबीएन, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सुदर्शन भगत ने 31 जनवरी को संसदीय क्षेत्र लोहरदगा अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना द्वारा निर्मित दो सड़क मार्ग क्रमश: बढचोरगाई से चांदगो तक एवं कोर्गो से चांपी तक पथों के निर्माण कार्य में निर्धारित राशि के अलावे अधिक अलग से एस्टीमेट रिवाइज कर राशि की बंदरबांट करने पर नाराजगी जताया है।
उन्होंने विभाग से दोनों सड़कों की कुल मूल राशि, भुगतान की राशि,एवं रिवाइज की गयी राशि की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा था। साथ ही दूरभाष के माध्यम से सचिव ग्रामीण कार्य विभाग झारखंड सरकार से बातचीत भी की थी।
बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए जिला के निवर्तमान कार्यपालक अभियंता द्वारा एस्टीमेट का रिवाइज किया गया है। जबकि नियमानुसार किसी भी पीएमजीएसवाई योजना की डीपीआर की पुन: सुधार राज्य के सचिव स्तर के पदाधिकारियों का पावर होता है।
सड़क निर्माण में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा है, यह माफीयोग्य नहीं हैं। ऐसे प्रकार के अन्य कार्यों का भी निष्पादन पावर का गलत इस्तेमाल कर की गई होगी इस लिए लोहरदगा के निवर्तमान कार्यपालक अभियंता का पदस्थापना से लेकर सेवा समाप्ति तक के कार्य को जांच कराने की बात उन्होंने कही थी। इसके बावजूद संबंधित विभाग के सचिव द्वारा पत्राचार का कोई उत्तर नहीं दिया गया।
इसपर सांसद ने कहा है कि झारखंड में भ्रष्टाचारी अधिकारियों का मनोबल राज्य सरकार बढ़ा रही है। ऐसे संगीन मामलों को तुरंत संज्ञान में लेकर राज्य सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। परंतु यहां पर जवाब देना भी अधिकारी उचित नहीं समझते हैं।
अधिकारी बेखौफ इसलिए है कि वह जानते हैं की वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर नहीं है सरकारी पैसे का लेखा-जोखा कोई नहीं लेने वाला इसलिए विकास के नाम पर दो पैसे से कार्यान्वयन होनेवाली कार्य को दस पैसे का डीपीआर बनाकर राशि का बंदरबांट किया जा सकता है।
यही कारण है कि झारखंड में कई वरीय पदाधिकारी आए दिन गलत कार्यों में संलिप्तता पाये जा रहे हैं, फिर झारखंड में सरकार गहरी नींद में सोई हुई है।