टीम एबीएन, लोहरदगा। अक्षय तृतीया के मौके पर शनिवार को सरार्फा बाजार में खासी रौनक नजर आयी। जिले वासियों ने अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त पर जमकर सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी की। ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर धातु की खरीदारी से धन धान्य की वृद्धि होती है।
इससे पूर्व श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा की। शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया पूरे एक वर्ष में उन साढ़े तीन शुभ मुहूर्त में से एक है जिसे अबूझ मुहूर्त माना गया है। अबूझ मुहूर्त में किसी भी तरह के शुभ कार्य को करने के लिए पंडित से मुहूर्त नहीं निकाला जाता है।
अक्षय तृतीया के दिन सभी तरह के शुभ कार्य किये जा सकते हैं। अक्षय तृतीया के दिन सोने से बने आभूषण की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया की तिथि पर ही भगवान परशुराम और हयग्रीव का अवतार हुआ था।
त्रेतायुग का प्रारंभ भी इसी तिथि को हुआ था। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन ही महाभारत के युद्ध का समापन हुआ था। इस लिए इस तिथि का महत्व बढ़ जाता है।