टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में महात्मा हंसराज जयंती के अवसर पर उनके त्याग व समर्पण का स्मरण किया गया। इस अवसर पर महात्मा जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। झारखंड बंद के मद्देनजर आज आयोजित होनेवाली कविता पाठ तथा भाषण प्रतियोगिताओं की तिथि 21.4.23 कर दी गयी।
प्राचार्य श्री संजीत कुमार मिश्र ने अपने संदेश में कहा कि महर्षि दयानंद के अनुयायियों में महात्मा हंसराज अद्वितीय थे। उन्होंने महर्षि दयानंद के आधुनिक भारत के निर्माण के सपने को साकार करने के लिए ही डीएवी संस्था की स्थापना की। उन्होंने डीएवी की सेवा अवैतनिक की।उनके बड़े भाई मुल्ख राज उन्हें प्रतिमाह चालीस रुपये की मदद देते थे, जिनसे उनका परिवार चलता था।
उनका जीवन संघर्ष से भरा था, एक बार तो उनका मन बहुत विचलित हो गया था, तब श्रीमद् भगवद्गीता की प्रेरणा से उन्होंने कष्ट सहकर भी कर्तव्य मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। महात्मा हंसराज ने देश सेवा, परोपकार और जन कल्याण में अपना जीवन होम कर दिया। हमें भी उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।