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कोडरमा के 10 और गिरिडीह के 5 गांव में पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ

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कोडरमा के 10 और गिरिडीह के 5 गांव में पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ
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कोडरमा। चिल्ड्रेन आफ इंडिया फेडरेशन के द्वारा बुधवार को होटल तारा टॉवर में माइका परिवार से जुडे़ बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के लिए पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया गया। इसमें कोडरमा के 10 गांव और गिरिडीह के 5 गावों का चयन किया है। यहां बच्चों को पुस्तकों के अलावा पढ़ाई में आनेवाले साभी प्रकार के पाठ्य सामग्री, साइकिल उपलब्ध कराई दी जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के द्वारा सामन उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम का शुभारंभ जिप प्रधान शालिनी गुप्ता, श्रम अधीक्षक अभिषेक वर्मा, मनोज दांगी, दिल्ली से आए मुख्य तकनीकी सहायक अधिकारी घीओनी, विशेष तकनीकी अधिकारी निजाम इंसाफ, नरसिपन, मार्कडेय मिश्रा और जे. वीर बंधु ने संयुक्त रुप से उदघाटन किया। इस मौके पर संस्था के अधिकारियों ने कहा कि संस्था 2018 से 2020 तक कोडरमा के 31 गावों में सतत शिक्षा के चार हजार बच्चों को नियमित किया। साथ ही 150 परिवारों को स्वयं सहायता समूह के द्वारा आजीविका उपलब्ध कराया। कृषि से भी लोगों को जोड़ा गया। आनेवाले मार्च तक पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस कार्य को बेहतर बनाने की योजना है। वहीं मुख्य अतिथि जिप प्रधान शालिनी गुप्ता ने कहा कि शिक्षा जीवन में सफलता का मूल मंत्र है। राष्ट्र की उन्नति के लिए बच्चों की पढाई जरुरी है। बच्चे दश के भविष्य हैं। इसलिए यह जरुरी है उनकी शिक्षा और कल्याण पर विशेष जोर दिया जाए। राष्ट्र के निर्माण में आज के बच्चे ही कल के भारत का निर्माण करेंगे। वहीं श्रम अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि सामाजिक संगठन से जुड़कर बाल श्रम को रोकना प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग भी असंगठित श्रमिक और निर्माण श्रमिक के बच्चों को 5 हजार से 50 हजार रुपए तक की राशि छात्रवृति के रुप में दी जाती है। मौके पर प्रोजेकट की शुरूआत केक काट कर की गई। कार्यक्रम में मुखिया महेश यादव, सुरेश दास, अनिता देवी, यशोदा देवी, रेणु देवी, संतोष साव सहित आंगनबाउी की सेविका और बाल मंच के बच्चे मोजूद थे।
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