- भाजपा नेता ने दिया रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ज्ञापन
टीम एबीएन, रांची। अधिवक्ता सह भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुधीर श्रीवास्तव ने भारत सरकार के केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्वनी वैष्णव जी को ज्ञापन देकर मांग की है कि रेलवे के जनरल टिकट में भी यात्री का नाम, उम्र, लिंग के साथ-साथ आधार नंबर भी अंकित होने चाहिए।
सुधीर श्रीवास्तव ने ज्ञापन में लिखा है कि हर हर वर्ष भारतीय रेल को रेलवे दावा न्यायाधिकरण के माध्यम से हर वर्ष लगभग 100 करोड़ रुपए मुआवजा के तौर पर वैसे व्यक्ति को देने होते हैं जिनके साथ हादसा होता है। आश्चर्य की बात है कि लगभग 90% रेलवे दावा न्यायाधिकरण में जो केस आते हैं उसमें ज्यादातर सामान्य दर्जे के टिकट को ही आधार बनाकर वादी द्वारा केस दायर किया जाता है जिससे यह पता नहीं चलता है कि वह टिकट मृतक/ घायल/ सहयात्री का ही था या फिर किसी और का था या फिर कहीं से मुवावजा हेतु जोगा किया गया।
आरक्षित श्रेणी के यात्रियों से यात्रा के दौरान टीटी के द्वारा पहचान पत्र की मांग की जाती है और उस पहचान पत्र से टिकट का मिलान भी किया जाता है परंतु जनरल बोगी में सफर करने वाले यात्रियों के जनरल टिकट में नाम, उम्र, लिंग आदि नहीं रहने के कारण जनरल बोगी में यात्रियों का मिलान नहीं हो पाता है यह भारत के आंतरिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी उचित नहीं है।
अब जबकि हर जगह आधार नंबर अंकित हो रहा है तो इस परिस्थिति में जनरल टिकट में भी यात्री का आधार नंबर अंकित होना चाहिए यदि आधार नंबर नहीं है तो उसका नाम, उम्र, लिंग, पता, फोन नंबर आदि का उल्लेख होना बहुत जरूरी है। यह सुरक्षा की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है साथ ही रेलवे को जो करोड़ों रुपए मुआवजे के तौर पर देने होते हैं उसमें भी भारी कमी आयेगी। इस ज्ञापन की प्रति मंडल रेल प्रबंधक डीआरएम रांची को भी दी गयी है।