- रांची में सैकड़ों एकड़ जमीन की डील में फर्जीवाड़ा!
टीम एबीएन, रांची। रांची में गुरुवार को ईडी की छापेमारी ने एक बड़े जमीन घोटाले के संकेत दिये हैं। इस घोटाले में कई बड़े अफसर और कर्मचारी नपेंगे, यह तय माना जा रहा है। रांची में सेना की जमीन की खरीद बिक्री में कोलकाता से फर्जी दस्तावेज बनाकर की गयी गड़बड़ी की जांच में ईडी आगे बढ़ी तो रांची में सैकड़ों एकड़ जमीन की डील में फर्जीवाड़ा सामने आ गया। जैसे-जैसे ईडी की जांच आगे बढ़ेगी, इस मामले में कई बड़े खुलासे होंगे, जो बेहद चौंकाने वाले होंगे।
दरअसल, ईडी की जांच में यह बात सामने आयी है कि रांची में एक गिरोह सक्रिय है, जो कोलकाता जाकर रांची की जमीन का फर्जी पेपर तैयार करता है, उसकी रजिस्ट्री कोलकाता में ही करायी जाती है। इसके बाद कौड़ियों की जमीन को करोड़ों में बेचा जाता है। इस पूरे फर्जीवाड़े में आला अधिकारियों के साथ-साथ अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मचारियों की बड़ी भूमिका होती है।
ईडी ने अपनी जांच में यह भी पाया है कि जमीन घोटाला कर सरकारी अफसरों, कर्मियों के साथ-साथ माफियाओं ने अरबों की कमायी की है। ईडी ने रांची में कई सालों से जमे राजस्व कर्मचारी अशोक सिंह के सिंह मोड़ स्थित आवास में गुरुवार को छापेमारी की।
ईडी की टीम जब यहां पहुंची तो अधिकारी एक मामूली राजस्व कर्मचारी के आलिशान अपार्टमेंटनुमा मकान देखकर दंग रह गये। ईडी के अधिकारियों को अशोक सिंह की अलग-अलग संपत्ति और बेनामी संपत्ति से जुड़े कागजात मिले हैं। वहीं अवैध कमाई की अचल संपत्तियों में निवेश के सुराग भी ईडी को मिले हैं।
अशोक सिंह के नामकुम, ओरमांझी समेत रांची के अन्य अंचलों में जमे होने और उस दौरान अकूत संपत्ति अर्जित करने की जानकारी ईडी को मिली थी। अशोक सिंह और उसके परिवार के आश्रितों की पूरी संपत्ति की जानकारी ईडी ने मांगी है। ईडी ने अशोक सिंह के रिश्तेदार दीपक कुमार के बोस्कोनगर स्थित फ्लैट में भी छापेमारी की, ईडी अधिकारियों को अंदेशा है कि यह फ्लैट भी अशोक सिंह का ही है, लेकिन उन्होंने इसकी खरीद अपने रिश्तेदार के नाम पर की है।
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, बरियातू मिल्लत कॉलोनी निवासी अफसर अली रिम्स में रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में काम करता है। लेकिन उसका मूल धंधा कोलकाता से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की खरीद बिक्री करना है।
हाल ही में अफसर अली और उसके सहयोगी सद्दाम के खिलाफ जमशेदपुर में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज हुआ था, जब दोनों ने रांची के एक जमीन कारोबारी शेखर कुशवाहा पर जमशेदपुर में हमला करवा दिया था।
इस मामले में सद्दाम हाल ही में जेल से छूटा है। अफसर अली के अलावा उसके गिरोह में हिंदपीढ़ी का अजहर भी शामिल है, अजहर का भाई रांची से डिप्टी मेयर का चुनाव लड़ चुका है। बरियातू के ही फैयाज खान, रानी बगान के तबरेज अख्तर, मणिटोला के इम्तियाज अहमद, तहला खान उर्फ सोनू भी इसी गिरोह के सदस्य हैं।