टीम एबीएन, रांची। साहिबगंज जिले में कथित रूप से एक हजार करोड़ के अवैध पत्थर खनन मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय रांची (ईडी) की टीम दो दिनों तक अवैध खनन से संबंधित पत्थर खदानों की ड्रोन कैमरा के माध्यम से जांच-पड़ताल करने के बाद तीसरे दिन डीसी रामनिवास यादव एवं एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा को पत्र देकर वापस रांची लौट गयी है।
जाते-जाते ईडी की टीम ने अवैध खनन जारी रहने का पुख्ता सबूत देकर उपायुक्त एवं एसपी को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। ईडी की 4 सदस्य टीम रांची प्रवर्तन निदेशालय के डिप्टी डायरेक्टर देवव्रत झा के नेतृत्व में बीते-दिनों बुधवार को साहिबगंज आई थी, जो शुक्रवार को लगभग 11 बजे वापस रांची लौट गयी है।
ईडी की टीम बुध वार को साहिबगंज पहुंचकर मांडरो अंचल के नींबू पहाड़, डिब्बा पहाड़ आदि मौजा में जाकर फिर एक बार खनन क्षेत्रों का दौरा किया था। दौरे के क्रम में मंडरो अंचल स्थित सिमरिया मौजा के नींबू पहाड़ पर प्लॉट नंबर 69 पी70 पी71 पी73 में अवैध खनन जारी पाया है।
वहीं ईडी के पदाधिकारियों के अनुसार पूर्व में ईडी की टीम साहिबगंज आयी थी, तो उक्त प्लॉट का सर्वे किया था। फिर एक बार अवैध खनन किये जाने की सूचना पर इस की जांच के लिए ड्रोन से मापी की गयी अवैध खनन के कई सबूत ईडी को यहां पर मिले हैं। इतना ही नहीं अवैध खनन में विस्फोटक के इस्तेमाल का भी सबूत ईडी को मिला है। अवैध खनन के लिए बारूद का इस्तेमाल-सबसे पहले अवैध खनन की जांच कर रही ईडी की टीम 25 जुलाई 2022 से 29 जुलाई 2022 के बीच अवैध खनन का सर्वे किया था।
फिर एक बार बुधवार को साहिबगंज पहुंची ईडी की टीम को करीब 8 माह बाद भी सिमरिया मौजा के नींबू पहाड़ी इलाके में अवैध खनन के सबूत मिले हैं। इतना ही नहीं, अवैध खनन में विस्फो टक इस्तेमाल का भी सबूत मिला है।