टीम एबीएन, रांची। सरकार पर नियोजन नीति के मुद्दे पर दबाव बनाने की कोशिश में जुटे विभिन्न छात्र संगठनों की नजर गुरुवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक पर भी है। उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार के द्वारा कैबिनेट की बैठक में छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए जरूर कुछ बड़ा फैसला लिया जायेगा।
हालांकि छात्र नेताओं का मानना है की विधानसभा घेराव से पहले जिस तरह से छात्रों को बरगलाने की कोशिश सरकार के द्वारा की गयी वह इस बार नहीं होगा। राज्यभर के छात्र संगठित हैं और विधानसभा घेराव के दौरान हमने अपनी ताकत का एहसास सरकार को करा दिया है। यदि 60/40 का फार्मूला सरकार वापस नहीं लेती है तो 8 अप्रैल को सीएम आवास घेराव के दौरान ही पता चल जायेगा कि 10 अप्रैल को झारखंड बंद कैसा होगा।