टीम एबीएन, जामताड़ा/ रांची। जामताड़ा में झारखंड सरकार की शिक्षा व्यवस्था बिना पटरी के चल रही है। इसकी बानगी नारायणपुर प्रखंड में हर ओर दिखाई दे रहा है, जहां 60 से 70 प्रतिशत छात्र विद्यालय नहीं आते हैं। वहीं, रमजान के मौके पर तो छात्र स्कूल के यूनिफॉर्म में विद्यालय नहीं आ रहे हैं। इस पर पदाधिकारी जहां बचाव मोड में हैं, वहीं भाजपा हमलावर है।
यह जामताड़ा के नारायणपुर प्रखंड का पोखरिया उत्क्रमित मध्य विद्यालय का हाल है, जहां रमजान पर स्कूल ड्रेस से छात्रों ने तौबा कर लिया है। यहां रंग-बिरंगे वस्त्र में छात्र पढ़ने आते हैं। इसे जिला शिक्षा पदाधिकारी अज्ञानता बता कर बात को टाल रहे हैं। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष सोमनाथ सिंह ने इस पर शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक इरफान अंसारी को जिम्मेदार बताया है।
उन्होंने सरकार से राष्ट्रहित में पहल करने की मांग की है। पोखरिया उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 612 छात्र नामांकित है। बावजूद इसके कि यहां मात्र 100 के आस-पास छात्रों की उपस्थिति है। ऐसे में सरकार की कल्याणकारी योजनाएं का लाभ सभी छात्रों को नहीं मिल रहा है। लिहाजा ग्रामीण और बीजेपी नामांकन में बंदरबांट करने का आरोप लगा रहे हैं, जिस पर जिला शिक्षा पदाधिकारी विभाग के बचाव में उतरे हैं।
स्कूल जो विद्या का केंद्र होता है, जहां बच्चे सामाजिक और नैतिक ज्ञान की प्राप्ति करते हैं, अगर वहां भी नियमों का उल्लघंन होता रहेगा तो इससे छात्र क्या सीखेंगे। आखिर कब तक ऐसे ही स्कूलों के नाम पर, सरकारी योजनाओं के नाम पर लोग भ्रष्टाचार करते रहेंगे और अपनी रोटी सेकते रहेंगे। जामताड़ा के इस विद्यालय का हाल देखने के बाद यह सवाल लाजमी है। फिलहाल, पदाधिकारी किसी भी तरह के बयान देने से बचते नजर आ रहे हैं।