टीम एबीएन, रामगढ़। शाश्वत इंस्टीच्यूट ऑफ टीचर्स एजुकेशन, हुटूप, इरबा, रांची में त्रिदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आज दूसरा दिन है, जिसमें देश और विदेश के विभिन्न प्रतिभागियों ने मंच पर और ऑनलाईन व्यवस्था से अपनी उपस्थिति दर्ज की, जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में शिक्षकों की भूमिका पर अपने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किये।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न के द्वारा स्वागत किया गया। आज के संगोष्ठी के मुख्य अतिथि डॉ एके सज्जन, जमशेदपुर, अध्यक्षीय उद्बोधन डॉ एमके सिन्हा, प्राचार्य, डीएवी हेहल, रांची। संगोष्ठी में विशिष्ट उद्गार डॉ चमन सिंह ठाकुर, जम्मू, डॉ आरके शर्मा, डीएसडब्ल्यू रांची, डॉ सुनिता कुमारी, हिवि रांची, डॉ अजित सिंह, (गया) विदेशी वक्ताओं में नीलू गुप्ता (कैलिफॉर्निया), डॉ कंचना झा, नेपाल, डॉ मिक्को विता माक्की, फिनलैंड, श्री अमित कुमार झा फिनलैंड, मैडम अर्चना पाण्डेय, फिनलैंड, डॉ इला प्रसाद (यूएसए) डॉ विवेक मणि त्रिपाठी, (हांगकांग, चीन) ने अपने विचार प्रस्तुत किये।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ कमल कुमार बोस, रांची के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ जंग बहादुर पाण्डेय, कॉलेज के अध्यक्ष श्री अनिल शर्मा, कॉलेज प्रबंधक डॉ आनंद जी, प्राचार्य डॉ विनोद कुमार राय तथा कॉलेज के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं, शिक्षणेतर कर्मचारियों तथा छात्र एवं छात्राओं ने सहभागिता प्रस्तुत की।