टीम एबीएन, रांची। राजधानी के बड़ा तालाब के किनारे स्थित खाली पड़े सरकारी जमीन पर भू माफियाओ की निगाह लगी हुई है। लगभग 2 एकड़ में फैली यह जमीन मूल रूप से उद्योग विभाग की है। राज्य अलग होने के बाद एसेट एवं लायबिलिटी को लेकर बिहार और झारखंड के बीच यहां स्थित कई सम्पति का बंटवारा होना बाकी है।
यह जमीन भी इसी में से एक है। मामला पटना हाई कोर्ट में भी लंबित है। शहर के बीच और बेशकीमती होने की वजह से इस जमीन पर भू माफियाओं की निगाह लगी हुई है। इस क्रम में जंगल में तब्दील हो चुके इस जमीन पर पहले अवैध तरीके से मिट्टी डालकर इसके आधे भाग को समतल कर दिया गया।
वहीं बीच बीच में बड़े गाड़ियों को पार्क कर उसपर अवैध कब्जे की तैयारी भी जारी है। बात इससे आगे बढ़ते हुए शादी समारोह के आयोजन तक जा पहुंची है। प्रशासन इस और यदि सचेत नही रहा तो वह दिन दूर नहीं जब करोड़ो रूपये की जमीन भू माफियाओं के कब्जे में होगा।