- जबरदस्त हंगामे के बाद भुरकुंडाबाड़ी गांव में धारा 144
टीम एबीएन, धनबाद/ रांची। अगले आदेश तक जिला में निरसा थाना क्षेत्र के भुरकुंडाबड़ी गांव में धारा 144 लगाने के साथ-साथ मजिस्ट्रेट और जिला पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है। वहीं इस मामले में आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज हो गयी है।
फिलहाल, क्षेत्र में हालात शांत है लेकिन स्थिति तनावपूर्ण है। गुरुवार को निरसा के भुरकुंडाबाड़ी गांव में प्रतिबंधित मांस मिलने पर हंगामा हुआ था। पूरी घटना को देखते हुए ग्रामीण एसपी रिष्मा रमेशन ने गांव के लोगों को समझाया और कहा कि कानून को अपने हाथ में न लें, दोषी व्यक्ति पर कार्रवाई जेउर होगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण है।
इस मामले में अब तक हुई कार्रवाई को लेकर उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि प्रतिबंधित मांस मिलने की घटना में 2 नामजद और 8 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इसके अलावा जिला ग्रामीण एसपी ने गांव के लोगों से किसी प्रकार के अफवाहों से बचने की अपील की है।
इस घटना के बाद धनबाद जिला प्रशासन चौकन्ना हो गया और जिला प्रशासन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि ऐसे वीडियो को वायरल ना करें जिसमें साम्प्रदायिक सद्भाव को खतरा हो। बयान में ये भी जानकारी दी गयी है कि इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही बताया गया कि इस झड़प के दौरान भीड़ से पुलिस से भी नोकझोंक हुई मगर किसी को भी चोट नहीं आयी, केवल पुलिस की 2 गाड़ियां मामूली रूप से क्षतिग्रस्त हुई है।
निरसा के भुरकुंडाबाड़ी गांव में गुरुवार को प्रतिबंधित मांस मिलने के बाद से ग्रामीण उग्र हो गये थे। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गांव वालों ने उसके घर में तोड़फोड़ की। इसमें दो बाइक और साइकिल क्षतिग्रस्त हो गये। इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस हंगामे को रोकने पहुंची तो आक्रोशित ग्रामीणों ने एक पुलिस जीप और पीसीआर वैन को पलट दिया गया और पुलिस वालों से नोंकझोंक की।
गांव वाले आरोपी शहाबुद्दीन अंसारी को मौके पर ही सजा देने की बात पर अड़े थे। भीड़ की तुलना में पुलिस की संख्या काफी कम थी ऐसी स्थिति में आरोपी को पुलिस ने अपने वाहन में बैठाकर थाना ले जाने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस वाहन को रास्ते में ही रोक दिया और आरोपी को गाड़ी से खींचकर बाहर निकालने की कोशिश करने लगे।
इसके बाद पुलिस को उपद्रवियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा, पर इससे ग्रामीण और उग्र हो गये और पुलिस पर पथराव कर दिया। जिसे देखकर पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। वहीं लाठीचार्ज से भुरकुंडाबाड़ी निवासी भानु मंडल और अन्य लोग घायल हुए हैं।