- आंगनबाड़ी सेविका सहायिका यूनियन (सीटू) का जिला स्तरीय कन्वेंशन संपन्न
- स्थानीय समस्याओं पर सेविका सहायिका का प्रदर्शन 10 अप्रैल को
टीम एबीएन, झुमरीतिलैया (कोडरमा)। किसानों की फसलों का उचित दाम देने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी करने, 26 हजार न्यूनतम वेतन देने व मजदूर विरोधी लेबर कोड रद्द करने सहित अन्य मांगों को लेकर 5 अप्रैल को किसान मजदूरों की दिल्ली रैली की सफलता के लिए सीटू के बैनर तले झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका यूनियन के द्वारा साहू धर्मशाला मेंं एक जिला स्तरीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया।
कन्वेंशन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शोभा प्रसाद एवं संचालन जिला सचिव वर्षा रानी ने किया। कन्वेंशन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता आंगनबाड़ी यूनियन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि केंद्र की भाजपानीत मोदी सरकार देश के अन्नदाता किसान तथा देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले मजदूर वर्ग पर लगातार हमला कर रही है।
कॉरपोरेट घरानों के दबाव में अपने चहेते पूंजीपति मित्र के हित में किसानों के खिलाफ तीन कृषि कानून और मजदूरों को गुलाम बनाने वाले चार लेबर कोड को केन्द सरकार ने बिना चर्चा के ही संसद में पास करा लिया। बाद में किसानों के संघर्ष के चलते कृषि कानून वापस लिया।
सरकार की नीतियों के कारण मंहगाई बेरोजगारी से लोग त्रस्त है, भयानक बेरोजगारी से युवा आत्महत्या कर रहे हैं, सरकारी संपत्तियों को कौड़ी के भाव पूंजीपतियों को बेचा जा रहा है, देश की संप्रभुता को गिरवी रखा जा रहा है। इन्हीं मुद्दों को लेकर दिल्ली में 5 अप्रैल को किसान मजदूरों की रैली ऐतिहासिक होगी।
आंगनबाड़ी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी ने कहा कि ग्रेच्युटी, पेंशन और न्यूनतम वेतन की मांग के लिए दिल्ली रैली में हजारों सेविका सहायिका भाग लेगी। निर्माण यूनियन के नेता प्रेम प्रकाश ने दिल्ली रैली के प्रति एकजुटता जाहिर करते कहा कि कोडरमा से सैकड़ों निर्माण मजदूर दिल्ली रैली में शामिल होंगे।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर भराने, गोद भराई व मुंह जुठी कार्यक्रम का पैसा देने, पोषण ट्रैकर ऐप पर काम करने के लिए स्मार्ट फोन व रिचार्ज करने, वेतन काटने की धमकी पर रोक लगाने, किराया पर चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों का भाड़ा देने, एफसीआई का चावल आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचाने, आंगनबाड़ी में जरूरी सामानों के लिए मिले पैसा को खर्च करने के लिए सामानों की सूची उपलब्ध कराने, एससी आंगनबाड़ी केन्द्रों का चार माह का बकाया पोषाहार राशि का भुगतान करने, सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को मार्च माह का पोषाहार राशि का भुगतान इसी वित्तीय वर्ष में करने की मांग पर 10 अप्रैल को उपायुक्त के समक्ष विशाल प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में बेबी कुमारी, निलम यादव, कुमारी सरिता, मंजू मेहता, उर्मिला देवी, सुलेखा देवी, संध्या वर्णवाल, कविता यादव, कुमारी अनामिका, निलिमा, सरस्वती देवी, विमला कुमारी, अर्चना देवी, गीता देवी, चींतामनी देवी, दीपा, संजू देवी, सुधा, लता, प्रतीमा, सविता, अंजनी, लक्ष्मी, सुषमा, रेशमी, अंजली मुखर्जी, रीना देवी, संगीता सिन्हा, रामदुलारी, पुनम, कुन्ती, रीता, मालीन बिरहोरिन, संध्या कुमारी, फरजाना खातुन, सुनीता पाण्डेय, पुष्पलता, प्रभा देवी, किरण, शीला, रूपवन्ती, सरिता सिन्हा, मुन्नी, तारा, उर्मिला, मंजू, मीना, अर्चना गोस्वामी, वीणा वन्दना, प्रतीमा, ईशरत, नगमा, रेखा रजक, गौरी, सीमा, रीना सिन्हा, साजदा, नाजरा प्रवीण, वीणा, सीता, गायत्री, ममता, निर्मला, अनुभा, गंगोत्री सिन्हा, दिप्ती, द्रौपदी सहित सैकड़ों की संख्या में सेविका सहायिका मौजूद थी।