- वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण और महिला सुरक्षा पर दिया जोर
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 14 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में बीआइटी लालपुर के एनएसएस के तत्वावधान में एक वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गयी।
इसमें प्रथम वक्ता के रूप में निदेशक डॉ वंदना भट्टाचार्य ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की महत्व और उसकी जरूरत पर महिलाओं और छात्राओं को बतलाया कि आज महिला सशक्तिकरण की बात करें तो सबसे पहले अपने हक के लिए सबसे पहले खुद से ही लड़ना होगा। ताकि दुनिया से लड़ने के लिए अपने आप को तैयार कर सकें और खुद को मजबूत बना सकें।
महिलाओं को सबसे पहले आत्मविश्वास बढ़ाने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने आत्मविश्वास के बढ़ने से ही हम आत्मसम्मान हासिल कर सकते हैं। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत महिला और पुरूष की शक्ति और उसकी समानता पर हुई वाद विवाद प्रतियोगिता में बहुत ही बेहतरीन तरीके से महिला और पुरूष प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और इस दिवस की प्रासंगिकता पर अपनी बातों से दमदार भाषण दिया।
इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव ने लैंगिक समानता पर अपनी बात रखते हुए प्रतिभागियों को उत्साहित किया।
डॉ प्रदीप मुंडा ने महिलाओं पर आदिकाल से होने वाले मानसिक और शारिरिक प्रताड़ना पर बोलते हुए इस दिवस को और मजबूती प्रदान करने की बातें रखी।
कार्यक्रम में डॉ महुवा, डॉ मिलि दत्ता, डॉ स्वाती मिंज, अनुपमा सहाय ने महिलाओं की आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर बनाने के अपने-अपने विचारों से छात्र-छात्राओं को उत्साहित करने और देश के लिए अपनी उपलब्धियों पर साथ चलने पर जोर दिया।
डॉ उमेश कुमार, डॉ संदीप शाहदेव, डॉ प्रशांत सिंह, श्रीमती विजया लक्ष्मी, एलिस टोप्पो, मिनी दुबे, अनामिका कुमारी, सरिता तिग्गा, डॉ अनीश हैदर ने उपस्थित होकर प्रतिभागियों को उत्साह बढ़ाया।
प्रतियोगिता में ऋषि, सिमरन, अर्चिता मोदी, स्नेहा सिंह, शालिनी पांडेय, दानिश राजा, विराज, अनुरिमा सहित भारी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। यह जानकारी मीडिया प्रभारी राणा प्रताप मिश्रा ने दी।