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एच3एन2 मौसमी इन्फ्लूएंजा का झारखंड में भी बढ़ने का खतरा

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एच3एन2 मौसमी इन्फ्लूएंजा का झारखंड में भी बढ़ने का खतरा
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  • डॉक्टर ने दी सतर्कता बरतने की सलाह

टीम एबीएन, रांची। देश के विभिन्न राज्यों की तरह झारखंड में भी एच3एन2 मौसमी इन्फ्लूएंजा फैलने की आशंका है। इसके लक्षणों को नजरअंदाज करना लोगों के लिए भारी पड़ सकता है। कोरोना के समान लक्षण वाली बीमारी तेजी से फैल सकती है। इस बीमारी से जान जाने का खतरा बना रहता है।

दिखने लगते हैं लोगों में ये लक्षण : रिम्स के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉक्टर संजय ने बताया कि इस बीमारी में लोगों को लंबी खांसी, सांस फूलने, शरीर में लगातार थकान की शिकायत रहती है। ऐसे में लोगों को बिना समय गंवाये जांच करानी आवश्यक है। समय पर जांच नहीं होने पर कई बार बीमारी अंतिम स्टेज में पता चलती है और लोगों को बचा पाना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने आगे बताया कि इस बीमारी में जान जाने की भी आशंका रहती है। वहीं समय पर जांच हो जाने से सही तरीके से इलाज हो पाता है।

मास्क उपयोग करने की दी हिदायत : इस बीमारी से बचने के सबसे बेहतर उपाय है कि मास्क का उपयोग ज्यादा से ज्यादा हो। सांस के द्वारा फैलने वाली इस बीमारी में मास्क कारगर साबित होता है।

मौसमी इन्फ्लूएंजा से अब तक देश भर में 2 मौतें : मौसमी इन्फ्लूएंजा एच3एन2 से अब तक 2 मौतें हुई हैं। एक कर्नाटक और दूसरी हरियाणा से मौत की खबर सामने आयी है। वहीं डॉक्टर ने आगे बताया कि आम लोगों को वायरस की जानकारी नहीं है और बिना किसी डॉक्टर के परामर्श के दवाई ले लेते हैं। लोग पास के मेडिकल स्टोर से खुद जाकर छोटी मोटी बीमारी बता के दवाई ले आते है, जो वक्त आने पर खतरनाक साबित हो सकता है।

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