- जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन की समृद्धि और विविधता का वर्णन करती है
टीम एबीएन, कोडरमा। सतगावां प्रखण्ड के मरचोई और खुटा पंचायत भवन में 5 मार्च को संसद द्वारा पारित झारखण्ड जैव विविधता अधिनियम, 2002 के तहत पर्षद के सहयोग एवं जन जागरण केंद्र के माध्यम से बीएमसी सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक सुजीत नायक, पंचायत मुखिया, उत्तम कुमार और खुट्टा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मथुरा यादव द्वारा क्रमशः अपने अपने पंचायत सचिवालय में दीप प्रज्ज्वलित कर प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया।
प्रशिक्षक सुजीत कुमार नायक के द्वारा जैव विविधता के संरक्षण एवं सतत उपयोग तथा जैव विविधता के प्राकृतिक वास स्थल जैसे जल, जंगल, जमीन एवं खेतो में पाए जाने वाले जैव संसाधनों की जानकारी दिया गया एवं उसके संरक्षण करने पर बताया गया इसके साथ ही साथ जैव विविधता में पाये गये संसाधनों का दस्तावेजीकरण तथा उन्नयन करने के संबंध में विस्तारपूर्वक बताया गया कि जैव संसाधनों एवं संपदाओं से जुड़ी ज्ञान के व्यापारिक उपयोग की पहचान करने एवं राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर को सूचना एवं सलाह देने हेतु प्रेरित किया गया तथा कार्यालय की स्थापना एवं बैंक खाता संचालन विषय पर भी चर्चा की गयी।
बताया गया कि बीएमसी का एक कार्यालय पंचायत भवन में खोला जायेगा एवं जैव विविधता प्रबंधन समिति के नाम से एक बैंक खाता खोला जाएगा जिसमे बीएमसी के अध्यक्ष एवं वन विभाग के सदस्य/वनपाल के संयुक्त हस्ताक्षर से लेन देन किया जायेगा। इस प्रशिक्षण में सतगावां प्रखण्ड के शिवपुर, समलडीह, कटैया, बासोडीह पंचायत एवं मरकच्चो प्रखण्ड के कादोडीह पंचायत के अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्यों ने भाग लिया।
प्रोजेक्टर के माध्यम से भी जैव विविधता के बारे में बताया एवं दिखाया गया। प्रशिक्षक सुजीत नायक ने आगे कहा कि ये धरती केवल मानव के लिए नहीं है। इस धरती पर असंख्य जीव और वनस्पतियों का अस्तित्व है। खास बात यह है कि मानव जीवन के अस्तित्व के लिए यह सभी जरूरी है। यह धरती की एक बागवनी है। जहां मानव के साथ भांति-भांति की वनस्पतियां और जीवों का अस्तित्व है। वैज्ञानिक भाषा में इसे धरती की जैव विविधता कहा गया है।
वैज्ञानिकों एवं पर्यावरणविदों के लिए चिंता की बात यह है कि धरती पर इंसानी विस्तार से इस जैव विविधता पर संकट उत्पन्न हो रहा है। यह मानव अस्तित्व और धरती के लिए एक संकट का विषय है। इस धरती के संरक्षण में प्रत्येक प्रजाति, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो, सभी की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। उत्तम कुमार ने सबको साथ सामुदायिक भागीदारी की बात कही, जिससे हम अपने पंचायत को सभी क्षेत्रों में सुखद तस्वीर पेश कर सकें।
कार्यक्रम में मुख्य रुप से सतगांवा प्रखंड के कोठियार, माधोपुर, खुट्टा, ईटआंय, राजाबर मीरगंज, अम्बाला व अन्य सभी पंचायत के जैव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सचिव समेत सभी सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का धन्यवाद आभार सुभाष ठाकुर ने किया।