टीम एबीएन, कोडरमा। झारखंड विधानसभा में वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने शुक्रवार को पेश किया। यह बजट केंद्र सरकार के बजट की तरह संकुचित नहीं है। यह बात मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य संजय पासवान ने कही।
झारखंड सरकार के बजट पर उन्होंने कहा कि सरकार के स्थापना व्यय में लगातार कटौती की घोषणा स्वागतयोग्य है। योजना व्यय में बढ़ोत्तरी झारखंड के विकास के लिए एक आवश्यक शर्त है, जिसे माना गया है। लेकिन राज्य सरकार ने झारखंड में खाद्य सुरक्षा को और सशक्त करने के लिए पहले से की गयी घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए कुछ नहीं कहा है।
श्रम और नियोजन विभाग के लिए 985 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन स्वागतयोग्य कदम है। इस राशि का अधिकतम उपयोग कौशल विकास के लिए होगा। लेकिन झारखंड का अनुभव बताता है कि केवल कौशल विकास के अंतर्गत प्रशिक्षण दे देने से रोजगार नहीं मिल जाता है।
झारखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारी निवेश की जरूरत है, लेकिन बजट में इस क्षेत्र में इसके अनुरूप राशि आवंटित नहीं की गयी है। कुल मिलाकर राज्य सरकार ने एक बैलेंस बजट पेश करने की कोशिश की है।