- एक साल में हाथियों ने जिले में ली 10 की जान
टीम एबीएन, खूंटी/ रांची। खूंटी वन प्रमंडल में जंगली हाथियों के आतंक से कई ग्रामीणों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। रानियां और कर्रा प्रखंड के कुछ इलाके हाथी कॉरिडोर बन गये हैं। साथ ही रांची जिला का तमाड़ सोनाहातू इलाका भी हाथियों का सुरक्षित जोन बन गया है। इसके अलावा खूंटी वन प्रमंडल समय समय पर अपनी त्वरित कार्रवाई टीम (क्यूआरटी) को क्षेत्र में हाथी भगाने के लिए लगाती रही है। इस तैयारी के बाद भी जिले में एक साल के भीतर हाथी खूंटी वन प्रमंडल क्षेत्र में 9 ग्रामीण और एक वनरक्षी को पटक-पटक कर मार डाला है।
पदाधिकारी कुलदीप मीणा ने बताया कि वर्तमान में रानियां में 12 हाथियों का समूह है। तमाड़ इलाके में भी दस बारह हाथियों का झुंड था, लेकिन तमाड़ से हाथियों को बंगाल की तरफ खदेड़ा गया है। हाल के दिनों में हाथियों ने पूरे झारखंड में आतंक मचा रखा है और एक हाथी ने 8 फरवरी से 23 फरवरी के बीच में 14 लोगों की जान ले ली है।
हाथियों के आतंक से बचने के लिए समय समय पर जन जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण इलाकों में चलाये जाते हैं। लंबी दूरी की लाइट और पटाखों के माध्यम से वन विभाग के कर्मचारी हाथियों पर नियंत्रण करने की कोशिश करते हैं। लेकिन खरीफ फसल के दौरान हाथियों का विचरण धान की खेतों में ज्यादा रहता है। इससे धान समेत अन्य साग सब्जियों की खेती को हाथी नुकसान पहुंचाते हैं और कई बार आम ग्रामीण भी हाथियों का शिकार बन जाते हैं।
वन विभाग द्वारा जागरूक कर हाथी भागने के लिए आवश्यक सामग्री दी जाती है। साथ ही हाथियों के आवागमन के रास्ते को ग्रामीण बाधित न करें और हाथियों के आने से उनका पीछा न करें इसकी जानकारी भी दी जाती है। ग्रामीण अगर इस बात पालन करें तो नुकसान से बचा जा सकता है। हालांकि हाथी ने जिस तरह से झारखंड में आतंक मचा रहे हैं खूंटी वन प्रमंडल भी पूरी तरह से सतर्क है।