टीम एबीएन, रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस बयान को गैरजिम्मेदाराना और अवैध संपत्ति को बढ़ावा देने वाला बताया, जिसमें उन्होंने लोगों को पैसे जमीन में गाड़ कर रखने की सलाह दी है।
श्री प्रकाश ने कहा कि जिसके पास वैध कमाई होगी वह क्यों पैसे को जमीन में छुपाकर रखेगा? बैंकों में राशि सुरक्षित भी है और ब्याज भी कमाती है।
उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने राज्य को भ्रष्टाचार की गर्त में धकेल दिया है। और जिस तरह से राज्य में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई हो रही उससे मुख्यमंत्री का भय और सच्चाई जुबान पर फिर आ गया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान बैंकों का अपमान नही बल्कि राष्ट्र का अपमान है। करेंसी राष्ट्रीय संपत्ति है। उन्होंने कहा कि भारत में मोदी सरकार के आते ही करोड़ों गरीबों ने बैंकों का दरवाजा देखा। जनधन खाता के माध्यम से मिनटों में गरीबों के खाते में वृद्धा, विधवा, अटल पेंशन, छात्रवृति, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास निर्माण की सहायता राशि, किसान सम्मान निधि के पैसे ट्रांसफर हो जाते हैं।
इतना ही नहीं भारत तेजी से डिजिटल इंडिया बन रहा है। आज चाय, पान, ठेला खोमचा सभी जगह डिजिटल पेमेंट हो रहे। युवा शक्ति तो इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही। ऐसे में मुख्यमंत्री जैसे जिम्मेवार और संवैधानिक पद पर बैठकर ऐसा बयान देना जनता को विकास की मुख्यधारा से काटना और अनैतिक कार्यों केलिए प्रेरित करने जैसा है।
श्री प्रकाश ने कहा कि अवैध कमाई को बैंक में जमा कराने का खामियाजा झामुमो के नेता भुगत चुके हैं। इसलिए राज्य में अवैध कमाई एवम भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली सरकार भ्रष्ट लोगों, बिचौलियों, दलालों को बैंक से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी को अपने गैर जिम्मेदाराना बयान केलिए जनता से माफी मांगनी चाहिए।