- पंचायत भवन के पास लगाये गये 150 पौधे, जल संरक्षण के तहत 5 स्कूल और 2 आंगनबाड़ी केंद्रों में रनिंग वाटर लगाया गया
टीम एबीएन, कोडरमा। कोडरमा प्रखंड के अंतर्गत उत्तरी बेकोबार पंचायत विकास की नई गाथा बुनने जा रही है। यह पंचायत शिक्षा स्वास्थ्य, खेलकूद के अलावा पंचायत में समस्याओं के समाधान के लिए विकास के कई कार्य पिछले 10 माह में यहां की मुखिया पार्वती देवी के नेतृत्व में किया जा रहा है। पार्वती देवी के दांपत्य किशोर साव भी इस पंचायत के विकास में दिन-रात एक किये हुए हैं, ताकि पंचायत राज्य और केंद्र पर इसका नाम हो सके।
मुखिया पार्वती देवी ने बताया कि 4 दिन पूर्व उत्क्रमित मध्य विद्यालय चांदेडीह में शिक्षक की कमी को देखते उपायुक्त से मिले और उन्होंने तत्काल एक शिक्षक बहाल कर दिया अब इस विद्यालय में 325 बच्चों के बीच 5 शिक्षक हो गये हैं ताकि शिक्षा बच्चों को बेहतर रूप से मिल सकें। वहीं 2 लाख की लागत से बिच्छी पहरी में टाइल्स से बना चबूतरे पर ग्राम सभा की जा रही है। वहीं उत्कृमित एवं प्राथमिक 5 विद्यालय में रनिंग वाटर की सुविधा बाहाल की गयी है।
वहीं चांदेडीह में 2 लाख 84 हजार से धोवा घाट, मनरेगा योजना के तहत पंचायत भवन के पीछे में ढाई लाख और 2 लाख के लागत से खेल मैदान बनाया गया। वहीं अंबेडकर आवास योजना के तहत 4 आवास निर्माण भी हुआ है। 2 लाख की लागत से एक सार्वजनिक शौचालय क निर्माण के लिए लिखा गया है।
वहीं 50 घरों स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय का निर्माण भी किया जा रहा है। बेकोबार पंचायत में सर्वजन पेंशन योजना के तहत 300 बुजुर्ग लाभुकों की पेंशन योजना भी शुरू करायी गयी है। गांव के विकास में बिचौलियों को हटाने का कार्य भी किया गया है ताकि सीधा लाभ सरकार के योजनाओं का मिल सके।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने इस पंचायत में डीएमएससी योजना के तहत 2 लाख रुपये आंगनबाड़ी केंद्र को देने की घोषणा की है, जो इस सप्ताह पूर्ण हो जायेगा और चांदेडीह का मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनेगा। मुखिया पार्वती देवी ने यह भी बताया कि भावी योजना है कि पंचायत के अन्य आंगनबाडी केंद्रों को ठीक कराने के साथ-साथ लाइब्रेरी, पेयजल व्यवस्था, ओपन जिम को लागु करवाने की योजना है।
साथ ही मनरेगा योजना के तहत पंचायत भवन के बगल में 150 पौधो लगाये गये है। जिससे महिलाओं को पटवन के लिए रोजगार भी मिल रहा है। उन्होंने बताया कि विकास के बदलाव से लोगों के जीवन स्तर को सुधार लाकर नयी गाथा लिखना है। इसमें बीडीओ रेशमा डुंगडुंग भी मॉनिटरिंग कर रही है ताकि लाभुकों को योजनाओं का लाभ मिल सके।