- 29वें खान पर्यावरण, खनिज संरक्षण सप्ताह और पुरस्कार वितरण समारोह रांची के इस्पात भवन सेल परिसर में संपन्न
टीम एबीएन, लोहरदगा। 29वें खान पर्यावरण एवं खनिज संरक्षण सप्ताह एवं पुरस्कार वितरण समारोह रांची के इस्पात भवन सेल के सभागार भवन में संपन्न हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में पंकज कुलश्रेष्ठ, चीफ कंट्रोलर आईबीएम नागपुर एवं विशिष्ट अतिथि के रुप में वाईजी काले, कंट्रोलर ऑफ माइंस आईबीएम नागपुर, सलिल संदीप कुजूर, रीजनल कंट्रोलर, आईबीएम रांची, प्रतीक कुमार, वरीय उपाध्यक्ष, हिंडालको आदि उपस्थित थे।
मौके पर मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने सतत खनन के साथ सभी नियमवध तरीकों से खनन एवं पर्यावरण संरक्षण को प्रमुखता देते हुए खनन उद्योग के विकास का मार्गदर्शन किया एवं सभी खान मालिकों एवं खनन कंपनियों को प्रोत्साहन के साथ-साथ सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कृत भी किया।
मौके पर हिंडालको के वरीय उपाध्यक्ष श्री प्रतीक कुमार ने खान पर्यावरण, सस्टेनेबल माइनिंग एवं खनिज संरक्षण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले माइंस के टीमों की सराहना करते हुए पुरस्कार पाने वाले माइंस को बहुत सारी बधाइयां दी। जिन्हें पुरस्कार नहीं मिला उन्हें और अच्छे करने के लिए उत्साहवर्धन किया। उन्होंने आने वाले समय में हिंडालको द्वारा सस्टेनेबल माइनिंग के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति हिंडालको की संकल्पता एवं वचनबद्धता का मजबूत परिचय दिया। समारोह में हिंडालको के लोहरदगा क्लस्टर के महाप्रबंधक राजेश रंजन अम्बष्ठा व नेतरहाट क्लस्टर के महाप्रबंधक अजय पाण्डेय उपस्थित थे।
हिंडालको के बगडू और अमतीपानी माइंस को ओवरआल प्रथम पुरस्कार : पुरस्कार वितरण में हिंडालको के माइंस को अलग-अलग कैटेगरी में श्रेष्ठतम प्रदर्शन के लिए ओवरआल 5 पुरस्कार एवं विभिन्न क्षेत्रों में 26 पुरस्कार मिले। जिसमें A2A कैटेगरी में अमतीपानी माइंस को ओवरआल प्रथम, ओवरआल गुरदरी माइंस को द्वितीय एवं बिमरला माइंस को ओवरआल तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।
इसी तरह A2B कैटेगरी में बगडू माइंस को ओवरऑल प्रथम पुरस्कार एवं सेरेंगदाग बी माइंस को ओवरऑल तृतीय पुरस्कार मिला। हिंडालको के नेतरहाट क्लस्टर में गुरदारी, अमतीपानी, कुज़ाम माइंस को 5 प्रथम व 5 द्वितीय पुरस्कार समेत कुल 10 विभिन्न क्षेत्रों का पुरस्कार मिला। इसी तरह लोहरदगा क्लस्टर के बगडु, सेरेंगदाग, पाखर, बीमरला माइंस को विभिन्न क्षेत्रों में 7 प्रथम व 9 द्वितीय पुरस्कार समेत कुल 16 पुरस्कार मिले।