- स्थायी स्वास्थ्य कर्मी व कर्मचारी उतरे सड़क पर
- रैली निकालकर सीएस कार्यालय पर किया विशाल प्रदर्शन व सभा
टीम एबीएन, कोडरमा। झारखंड राज्य एनआरएचएम - जीएनएम अनुबंध कर्मचारी संघ के बैनर तले सेवा नियमित व समायोजन करने की मांग पर राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल के 24 वें दिन हड़ताल के समर्थन में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले पंजाब होटल के समीप से एक विशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें सहिया, बीटीटी, स्थायी स्वास्थ्यकर्मी एएनएम जीएनएम, अराजपत्रित कर्मचारी आदि भारी संख्या में शामिल हुए।
जुलूस में हेमंत सरकार होश में आओ, अनुबंध कर्मियों को स्थायीकरण करना होगा, समान काम का समान वेतन देना होगा, सभी को न्यूनतम 26 हजार वेतन देना होगा आदि गगनचुम्बी नारे लगाए जा रहे थे। जुलूस सदर अस्पताल पहुँचकर प्रदर्शन व सभा में तब्दील हो गया।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी की अध्यक्षता में हुई सभा को सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान, जिला संयोजक रमेश प्रजापति, जिप सदस्य महादेव राम, कर्मचारी महासंघ के जिलामंत्री शशि कुमार पांडेय, दिनेश रविदास, पिंकी कुमारी, सुभाष चंद्र शर्मा, अरविंद कुमार, अनुबंध कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष इन्द्रदेव यादव, सहिया संघ के एसटीटी नीरज कुमार, प्रकाश चन्द्र राय, जयप्रकाश यादव, पुनम कुमारी, ममता कुमारी आदि ने सम्बोधित किया।
हड़ताली कर्मियों को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि इस हड़ताल से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गया है। एएनएम, जीएनएम अनुबंध कर्मचारी पिछले 17 से 18 वर्ष से अनुबंध पर का काम कर रहे हैं। चुनाव के पहले उन्हें नियमित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन सरकार अब मुकर रही है। एक तरफ स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना महामारी के समय बीमारी से लड़ने वाले योद्धा के रूप में करोना वारियर्स कह कर, फूल-मालाएं पहना कर सम्मानित किया गया।
दुसरी ओर इनकी मांगों पर सरकार आख बंद किए हुए है। कर्मचारी नेता शैलेन्द्र तिवारी ने कहा कि अनुबंधकर्मियों की जारी हड़ताल से राज्य में रिम्स और सदर अस्पताल सहित सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। बच्चों का नियमित टीकाकरण 75 प्रतिशत कम हो गया है। प्रसव और सिजेरियन प्रभावित हुआ है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव कराने के लिए नर्सें मौजूद नहीं हैं। लैब और एक्सरे टैक्निशयन के हड़ताल पर जाने से सभी तरह का जाँच प्रभावित हुआ है। इन अनुबंध कर्मियों की मांगें नहीं मानी गई तो राज्यभर के सरकारी कर्मी राजभवन कूच करेंगे।
प्रदर्शन में राजकुमार दास, शशिकांत मणि, चंदन किशोर, मनोज कुमार झा, प्रिय रंजन, रामकृष्ण गिरी, ममता कुमारी, महेश कुमार, कृष्णकांत मणि, सुलेखा देवी, लीलावती देवी, उमा देवी, चम्पा देवी, दिप्ती, कलावती शर्मा, विजेता देवी, पार्वती देवी, ममता देवी, सैबुन निशा, बबीता देवी, सुनैना देवी, आशा देवी, अंजु देवी, वीणा देवी, दशरथ सिंह, मोहन साव, सुरेश प्रसाद, रामेश्वर प्रसाद यादव, संतोष कुमार, अनुज राणा, सियाराम सिंह, बिरेन्द्र चौधरी, राहुल कुमार शर्मा, प्रकाश यादव, अमृता यादव, ईश्वर दास, करिश्मा, तमन्ना, रिकी, प्रेमलता, संगीता, अर्चना, जफर इकबाल, संतोष कुमार, संजीव राजहंस सहित सैकड़ों की संख्या में कर्मी शामिल थे।