एबीएन सेंट्रल डेस्क। माली के विदेश मंत्री श्री अब्दुलाय जौप ने माली में भारत के राजदूत श्री अंजनी कुमार के कार्यों की भरपूर प्रशंसा की। ज्ञात हो कि भारत के चौहत्तरवें गणतंत्र दिवस के अवसर माली की राजधानी बामाको में आयोजत समारोह में माली के विदेश मंत्री श्री अब्दुलाय जौप मुख्य अतिथि थे। इस समारोह में माली स्थित विभिन्न देशों के राजदूत और राजनयिक के साथ-साथ माली के विभिन्न क्षेत्रों से कई गणमान्य लोग एवं भारतीय समुदाय के प्रतिनिथि भी उपस्थित थे।
श्रीमान राजदूत, आज शाम आपके लिए मेरे पास जो आखिरी संदेश है, वह कमोबेश व्यक्तिगत होगा। मैं इस समारोह में इसलिए भी आया हूं क्योंकि श्रीमान राजदूत, आपने मालियों के दिलों को जीत लिया है। राजदूत ने सार्वजनिक कूटनीति को बढ़ावा दिया है। उन्होंने विभिन्न मालियन समुदायों के साथ खुद को इस हद तक एकीकृत कर लिया है कि वे राजदूत के रूप में हमें कड़ी टक्कर देते है। राजदूत और उनका परिवार बाम्बारा में माली का राष्ट्रगान गाता है जो मुझे यकीन है कि अगर हम माली के नागरिकों के बीच बांबारा में माली का राष्ट्रगान गाने की प्रतिस्पर्धा हो तो हममें से कुछ ही लोग राष्ट्रभाषा में राष्ट्रगान गा पाएंगे। अभिनंदन, श्रीमान राजदूत।
मुझे पता है कि आप हमारे लोगों के साथ घुल-मिल रहे हैं। मुझे पता है कि आप भी संस्कृति से प्यार करते हैं, आप कला से प्यार करते हैं। मैं यहां इस सभागार में कई कलाकारों को देख रहा हूं - बबानी, हबीब और कई अन्य भी, भले ही मैं उनका उल्लेख न करूं। इसका मतलब है कि माली में आपकी गहरी उपस्थिति है क्योंकि ये ऐसे व्यक्तित्व नहीं हैं जो ऐसे समारोह में हमेशा उपस्थित हों, लेकिन यहां पर उनकी मौजूदगी आपके घनिष्ठ संबंधों को दशार्ता है।
इसका मतलब है, राजदूत महोदय, आप लोगों को एक साथ लाने के लिए एक शानदार काम कर रहे हैं। क्योंकि अगर लोग एक दूसरे को नहीं जानते हैं, अगर लोग एक दूसरे के साथ नहीं हैं, अगर लोग एक दूसरे से प्यार नहीं करते हैं तो दो देश एक साथ नहीं आ सकते है। राष्ट्र जो कुछ भी करता है, वह निश्चित रूप से अपने लोगों के नाम पर और उनके लिए ही करता है। इसीलिए यह जरूरी है कि राष्ट्र की पहल में लोग स्वयं शामिल हों और उसमे खुद को महसूस करें। इसलिए आज मैं यहां आपके असाधारण कार्य की पुष्टि करने और आपको बधाई देने आया हूं। देवियों और सज्जनों, आप सभी का धन्यवाद!