टीम एबीएन, रांची। कृषि मंत्री बादल ने कहा कि राज्य में जल्द ही पशुपालन यूनिवर्सिटी की स्थापना की जायेगी। राज्य सरकार द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रमंडल स्तर पर गोमुक्तिधाम शुरू किया जा रहा है। जल्द ही सभी जिलों में गोमुक्तिधाम का निर्माण कराया जायेगा। इसके लिए उपायुक्तों द्वारा जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।
कृषि मंत्री शनिवार को हेसाग स्थित पशुपालन भवन में आयोजित पशु मेला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में ऑनलाइन शामिल होकर पदाधिकारियों एवं पशुपालकों को संबोधित कर रहे थे। यह मेला 2 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद 3 फरवरी से राज्य के सभी जिलों में एक सप्ताह तक ऐसे मेले का आयोजन किया जायेगा।
अपने संबोधन में कृषि मंत्री ने कहा कि पशुओं की चिकित्सा के लिए जल्द ही एंबुलेंस की भी व्यवस्था करने जा रहे हैं। साथ ही राज्य के 100 पशु अस्पतालों को अपग्रेड कर मॉडल हॉस्पिटल बनाया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टर उपलब्ध रहें। यह पशुपालन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि होगी।
उन्होंने कहा कि जिस तरह हम अपने बच्चों और उनकी बीमारियों के प्रति संवेदनशील हैं, ठीक उसी तरह, मूक प्राणियों के प्रति भी हमें संवेदनशील बनने की जरूरत है। कहा कि सरकार संस्कृति के अनुरूप लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बना रही है। लेकिन, इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए गांव के लोगों को ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है। कहा कि, वर्तमान में 42,000 परिवार दुग्ध उत्पादन से जुड़े हैं। हमारा लक्ष्य है कि एक लाख परिवारों को दुग्ध उत्पादन से जोड़ा जाये। साथ ही सरकार का लक्ष्य है कि अभी राज्य में उत्पादित 1.8 लाख लीटर दूध का उत्पादन 5 लाख लीटर तक सुनिश्चित किया जाये।