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निष्काम भाव से किया गया कर्म ही पूजा है : संजय मिश्रा

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निष्काम भाव से किया गया कर्म ही पूजा है : संजय मिश्रा
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टीम एबीएन, रांची। आज एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल,पुंदाग के  षष्टम वर्ग के विद्यार्थियों ने  अपने शिक्षक और शिक्षिकाओं के  साथ रांची के बरियातू  में स्थित वरीय नागरिकों की आश्रय स्थली का दौरा किया। अपने दादा-दादी तुल्य बुजुर्गों से मिलकर बच्चे खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। बच्चों से मिलकर बुजुर्गों के चेहरों पर भी चमक आ गई थी। 

प्राचार्य श्री संजय कुमार मिश्रा ने बुजुर्गों के जीवन में हरियाली और खुशहाली की कामना करते हुए वृद्धाश्रम के संस्थापक सह रांची आर्य समाज के मानद सदस्य श्री एसएल गुप्ता को पौधा भेंट किया। विद्यार्थियों ने  गीत-संगीत, नृत्य, लघु नाटिका आदि प्रस्तुत करके बुजुर्गों का मन मोह लिया। लघु नाटिका अंधेर नगरी चौपट राजा ने बुजुर्गों को खूब हंसाया। 

उन्होंने इस लघु नाटिका की खुले हृदय से प्रशंसा की।  बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया संगीत तथा नृत्य ने वातावरण में उल्लास भर दिया ।संगीत शिक्षक श्री शैलेन्द्र कुमार  पाठक ने भी भजन प्रस्तुत करके सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों को उत्साहित देखकर वहां रहनेवाले बुजुर्ग भी उत्साहित हो गये। उन्होंने भी भजन, कविता पाठ आदि प्रस्तुत करके अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 

प्राचार्य श्री संजय कुमार मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे बुजुर्ग  हमारे समाज के ऐसे अनुभवी सदस्य हैं,जिनके अनुभव से हम अपनी अनेक समस्याओं का समाधान निकाल सकते हैं। इनकी सेवा से हमें जो आशीर्वाद प्राप्त  होंगे, वे हमारे जीवन को उन्नति के पथ पर अग्रसर करेंगे। हमारी संस्कृति में सेवा को विशेष महत्त्व दिया गया है। निष्काम भाव से किया गया कर्म ही पूजा है। हमारे बच्चों को यह सीख मिलनी चाहिए कि वे अपने बुजुर्गों का आदर और सम्मान और उनकी सेवा करें।

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