- नया दस्ता बनाकर दहशत फैलाने का था प्लान
टीम एबीएन, रांची। पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पीएलएफआई के 6 हार्डकोर नक्सली गिरफ्तार हुए हैं। ये नक्सली डायरेक्ट दिनेश गोप के संपर्क में रहते थे। इनके पास से वह मोबाइल भी जब्त हुआ है, जिससे सुप्रीमो से सीधी बातचीत होती थी। इन नक्सलियों की गिरफ्तारी से अहम खुलासा हुआ है। इन नक्सलियों की गिरफ्तारी से पता चला है कि पीएलएफआई संगठन का एक नया दस्ता बन रहा था।
दिनेश गोप के इशारे पर खूंटी, सिमडेगा और गुमला में संगठन विस्तार के लिए प्रकाश साहू लगातार नये लड़कों को जोड़ रहा था। नया दस्ता लगभग तैयार भी कर लिया था और पहली घटना सिमडेगा जिला में अंजाम दिया। दस्ते का मुख्य उद्देश्य ठेकेदारों से लेवी लेना था, नहीं देने पर आगजनी कर दहशत फैला कर पीएलएफआई को एक नई पहचान दिलाना भी था। माओवादियों द्वारा रविवार को बुलाई गई नक्सली बंदी के दिन बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना पीएलएफआई बना रहा था।
गिरफ्तार नक्सलियों में आनंद सिंह उर्फ लोदरो सिंह उर्फ लोधा सिंह, जोनसन बारला उर्फ मोटा, प्रकाश साहु, लखन गोप उर्फ जीतेन्द्र गोप, गौतम गोप उर्फ जलवा, उदित गोप शामिल हैं। गिरफ्तार हार्डकोर लखन गोप उर्फ जितेंद्र गोप के ऊपर कर्रा और जरियागढ़ थाना में आर्म्स एक्ट और 17 सीएलए एक्ट से संबंधित 20 मामले दर्ज हैं।
आनंद सिंह उर्फ लोदरो के खूंटी और सिमडेगा जिले के अलग अलग थानों में 8 मामला, जोनसन बरला उर्फ मोटका के 4 मामले, प्रकाश साहू पर रनियां और ओड़गा थाना में कुल 4 मामले, गौतम गोप का खुंटी जिले के अलग अलग थाना में 5 मामले और उदित गोप पर कर्रा थाना में 2 मामले दर्ज हैं। हार्डकोर प्रकाश गोप लगातार पीएलएफआई सुप्रीमो के संपर्क में रहता था और मोबाइल के माध्यम से सुप्रीमो से निर्देश लेकर पूरा दस्ता नक्सली घटनाओं को अंजाम देने में जुटा था। गिरफ्तार लखन गोप एक दशक से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय रहा है।
गिरफ्तार नक्सलियों से पुलिस ने दो देसी कट्टा, 11 गोलियां, 2 मोबाइल, पीएलएफआई की 11-11 रसीद और पर्चा बरामद किया है। एसपी अमन कुमार ने तोरपा थाना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पीएलएफआई नक्सलियों के गिरफ्तारी का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि पीएलएफआई का एक दस्ता सिमडेगा और रनिया इलाके में दहशत फैलाने की नीयत से बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा है। सूचना पर एसपी ने रनिया पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम बनाकर इलाके की घेराबंदी शुरू की।