टीम एबीएन, रांची। झारखंड स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा के तत्वावधान में झारखंड सरकार शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन के साथ शिक्षक हित एवं उनकी समस्या निदान सम्मान के संबंध में शिक्षकों की समस्याओं की मांग को लेकर राजभवन रांची उसके सामने एक दिवसीय सांकेतिक धरना का कार्यक्रम किया गया।
झारखंड स्टेट प्राइमरी टीचर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र एवं महासचिव मंगलेश्वर राम ने बताया कि शिक्षकों के पुरानी मांग छठे वेतन आयोग के अनुशंसा के अनुरूप उत्क्रमित वेतनमान फिटमेंट टेबल के आधार पर 2006 के पूर्व शिक्षकों का वेतन निर्धारण नहीं किया गया है जिससे शिक्षकों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है शिक्षकों को बिहार सरकार के तर्ज पर झारखंड के शिक्षकों को भी एमए्सीपीका लाभ दिया जाये।
शिक्षकों को गृह जिला अथवा अंतर जिला स्थानांतरण में जटिलता के कारण शिक्षक विषम एवं प्रतिकूल परिस्थितियों में कार्य करने को विवश है खासतौर पर संथाल परगना के बांग्ला भाषी क्षेत्र के शिक्षकों को पदस्थापन गये भाषाई क्षेत्रों में करने से भाषा एवं परिवेश की समस्या उत्पन्न हो गई है और शिक्षा में गुणवत्ता प्रभावित हो रहा है शिक्षकों को अपने भाषा वाले इलाका अंतर जिला ट्रांसफर पारस्परिक स्थानांतरण सरल करते हुए पूर्व की तरह स्थानांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाये।
उर्दू शिक्षकों को जो योजना मद में है उसे गैर योजना में शामिल किया जाये। शिक्षकों को सभी ग्रेडों में प्रोन्नति एवं प्रधानाध्यापक के रिक्त पद पर प्रोन्नति देकर प्रधानाध्यापक के पद पर पदस्थापन निमित्त स्थानांतरण हेतु जोन का निर्धारण एवं स्थानांतरण पोर्टल 2012 के पूर्व नियुक्त सभी प्रारंभिक शिक्षक वर्ग 1 से 8 तक पढ़ाते हैं उनकी नियुक्ति हुई है का कॉलम नहीं रहने से शिक्षकों में भ्रम की स्थिति है जो निर्धारण में 1-8 के शिक्षकों के लिए अलग कालम का निर्धारण किया जाये।
शिक्षकों की उम्र सीमा 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किया जाये। नई शिक्षक नियुक्ति नियमावली 2021 में सहायक आचार्य का ग्रेड पे 2400 ट्रांसफर आने से अच्छे और मेधावी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया से दूर रहने की पूर्ण संभावना है इसका प्रतिकूल प्रभाव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर पढ़ना नहीं आता है पुरानी व्यवस्था को ही तहत 4200-4600 ग्रेड पे पर नियुक्त किया जाये।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय उत्क्रमित मध्य विद्यालय उत्क्रमित उच्च विद्यालय उत्क्रमित उच्च विद्यालय में पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक का पद नहीं रहने से शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है वहां प्रधानाध्यापक का पद सृजित किया जाए एवं उत्क्रमित विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति की जाए शिक्षकों को मुक्त किया जाए ताकि शिक्षा गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा में आगे बढ़ सके राज्य के कर्मचारियों को प्राथमिकता परीक्षाओं में शामिल होने का मौका दिया जाए उपरोक्त मांगों को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया गया।
इस कार्यक्रम में झारखंड स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के राज्य संयोजक राजेश कुमार मिश्र संगठन सचिव मुकेश कुमार संयुक्त सचिव मदन कुमार कोषाध्यक्ष सुभाष कुमार उप महासचिव जीवन नाथ तिवारी उषा बैक जेरोम चेरमाको उपेंद्र प्रसाद देवकांत मंडल बसंत ठाकुर अवधेश कुमार राम जयंती देवी संजय दास महेंद्र कुमार प्रमोद पांडे नीरज कुमार परमानंद महतो सुमन ब्लू गुलाब खलको सुलेमान अशोक राम रंथु उरांव अगस्टिन मुर्मू वीरेंद्र ठाकुर संजीत कुमार शंकर सोरेन देवंती कुजूर दीपक कुमार सहित सैकड़ों शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने इस कार्यक्रम में भाग लेकर अपनी चट्टानी एकता का परिचय दिया और शिक्षकों ने संकल्प लिया कि अपनी सम्मान को बचाने के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हैं।