टीम एबीएन, दुमका/ रांची। लैंगिक अपराध को रोकथाम के लिए न्याय सदन में पॉक्सो एक्ट पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन हुआ। सेमिनार में सभी स्टेक होल्डर न्यायिक पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, बच्चों को संरक्षित करने वाली चाइल्ड हेल्प लाइन समेत विभिन्न संस्था के सदस्य शामिल हुए।
सेमिनार का आयोजन झालसा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में हुआ। सेमिनार का उद्घाटन प्रधान जिला जज सह प्राधिकार अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा, एसपी अंबर लकड़ा, एसडीओ महेश्वर महतो आदि ने संयुक्त रूप से किया।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रधान जिला जज अनिल कुमार मिश्रा ने सोशल मीडिया समेत विभिन्न माध्यमों से अश्लील साहित्य की ओर बच्चों के झुकाव को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने आपराधिक घटनाओं के कारणों को तलाशने और निवारण पर मंथन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थानों के आपसी समन्वय और मनोचिकित्सकों से पीड़ित बच्चों की काउंसिलिंग लैंगिक अपराध को रोकने में सहायक हो सकता है।
एसडीओ महेश्वर महतो ने पीड़ित बच्चों की काउंसलिंग कर रोजगार समेत अन्य सामान्य गतिविधियों के जरिए मुख्य धारा से जोड़ने पर जोर दिया। एसपी अंबर लकड़ा ने पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों पर चर्चा करते हुए बच्चों से लैंगिक अपराध को रोकथाम के लिए अपराध के कारणों पर मंथन की बात कही। सेमिनार में डीजे वन रमेश चंद्रा, डीएसपी मुख्यालय विजय कुमार, एसडीपीओ, सदर मो नूर मुस्तफा, सहायक लोक अभियोजक चंपा कुमारी, स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ मिताली परासर, सीडब्लूसी सदस्य डॉ राजकुमार उपाध्याय आदि ने भी विचार रखे।
सेमिनार का आयोजन प्राधिकार सचिव विश्वनाथ भगत ने किया। मंच संचालन पीएलए सदस्य काजल कुमारी ने की। अतिथियों का स्वागत सीनियर सिविल जज द्वितीय ऋतिका सिंह ने किया। इस अवसर पर सीजेएम धमेंद्र कुमार सिंह, एसडीजेएम जितेंद्र राम, जेएम वन विजय कुमार यादव समेत अन्य उपस्थित थे।