टीम एबीएन, दुमका/ रांची। झारखंड में संताल परगना के प्रमंडलीय मुख्यालय दुमका में मयूराक्षी नदी के मनोरम तट पर और हिजला पहाड़ी के सुरम्य तलहटी पर 133 साल से लगने वाला ऐतिहासिक जनजातीय हिजला मेला महोत्सव 24 फरवरी से 3 मार्च तक आयोजित किया जायेगा। उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला की अध्यक्षता में बीते बुधवार को ऐतिहासिक हिजला मेला मैदान में राजकीय जनजातीय हिजला मेला समिति की आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से 24 फरवरी से 03 मार्च 2023 तक राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि ऐतिहासिक हिजला मेला के शुभारंभ से पूरे संताल परगना प्रमंडल में उमंग भर आता है। परंपरा के अनुसार, हिजला मेला महोत्सव पारम्परिक औदात्य, गरिमा और उल्लास से मनाया जायेगा। राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव में इस वर्ष भी संताल परगना के सभी जिलों के लोगों की भागीदारी होगी। प्रमंडल के सभी 6 जिलों में व्यापक रूप से इस मेले का प्रचार-प्रसार किया जायेगा। अधिकारी ने कहा कि राज्य स्तर के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर तक मेले की पहुंच होगी। मेले में लगाये जाने वाले स्टॉल में कृषि के अत्याधुनिक तकनीक के साथ अन्य चीजों को भी दर्शाया जायेगा। 1 सप्ताह चलने वाले इस मेले में प्रत्येक दिन पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव की गतिविधियों को प्रचार के विभिन्न माध्यमों का उपयोग कर प्रचार प्रसार किया जायेगा। बैठक में मेले को भव्य बनाने पर विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए यातायात, शौचालय, पर्याप्त रौशनी, पेयजल, बेहतर साज सज्जा, साफ-सफाई, सड़क की मरम्मत, रंगाई पोताई पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारी को हिजला मेला मैदान में बन रहे नये कालामंच को यथाशीघ्र पूर्ण करने को करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने बताया कि उद्घाटन के दिन उल्लास का जुलूस निकाला जायेगा। प्रत्येक दिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। बैठक में मेले की विभिन्न उप समितियों का गठन किया जायेगा। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष जोयस बेसरा ने हिजला मेले से संबंधित संपूर्ण जानकारी उपस्थित अधिकारियों एवं स्थानीय लोगों के बीच रखी। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को मेले में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। वहीं, बैठक में जिला परिषद उपाध्यक्ष सुधीर मंडल, पुलिस अधीक्षक अंबर लकड़ा वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, डीआरडीए निदेशक, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रभारी उप निदेशक जनसंपर्क सहित जिले के अन्य वरीय पदाधिकारी और हिजला मेला समिति के सदस्य भी शामिल हुए।